धमतरी(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

सावन माह में हुई खंड वर्षा और कम बारिश से इस साल खरीफ खेती-किसानी काफी प्रभावित है। कुछ किसानों के खेतों में अब तक रोपाई नहीं हो पाई है, तो कई खेतों में दरारें पड़ गई है। ऐसे समय में किसानों की धान फसल को बचाने गंगरेल बांध से सिंचाई पानी छोड़ा गया है, जो चार जिलों की धान फसल के लिए वरदान साबित होने लगा है। सहायक नहरों के माध्यम से महानदी मुख्य नहर का सिंचाई पानी खेतों तक पहुंचना शुरू हो गया है।

बलौदाबाजार, रायपुर, धमतरी और बालोद जिले के सूखे खेतों की प्यास बुझाने पिछले कुछ दिनों से गंगरेल बांध से सिंचाई पानी छोड़ा गया है। महानदी मुख्य नहर के लिए पहले 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब किसानों की डिमांड के अनुसार सिंचाई पानी की मात्रा बढ़ा दी गई है। आठ अगस्त शनिवार को गंगरेल बांध के दो गेटों से रूद्री बैराज व भिलाई केनाल के लिए कुल 5237 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है। इस सिंचाई पानी का उपयोग रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और बालोद जिले के किसान अपने खेतों की प्यास बुझाने करेंगे। सहायक नहरों के माध्यम से महानदी मुख्य नहर पर छोड़े गए पानी किसानों के खेतों तक पहुंचने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। वहीं भिलाई स्टील प्लांट के लिए भी उपयोग किया जाएगा। 32 टीएमसी क्षमता के गंगरेल बांध का वर्तमान जलभराव 19 टीएमसी से अधिक है। वहीं गंगरेल बांध में कैचमेंट एरिया से प्रति सेकेंड 1477 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि इस साल खंड वर्षा और कम बारिश होने की वजह से गंगरेल बांध भी अभी तक पर्याप्त नहीं भर पाया है। बांध को लबालब होने में अभी भी 13 टीएमसी पानी की जरूरत है।

सिर्फ सोंढूर बांध भरा

जिले के सोंढूर बांध में पर्याप्त जलभराव है। बांध में छह टीएमसी से अधिक पानी है, जो क्षमता के करीब है। जबकि बांध में पानी की आवक अभी भी बनी हुई है। वहीं दुधावा बांध में आठ टीएमसी जलभराव है, जो अपनी क्षमता से अभी भी दो टीएमसी कम है। माडमसिल्ली बांध भी इस साल नहीं भर पाया। बांध में साढ़े तीन टीएमसी से अधिक जलभराव है। बांध को भरने अभी भी करीब तीन टीएमसी पानी की आवश्यकता है। इस साल सावन माह में संतोषजनक बारिश नहीं होने की वजह से जिले के सभी बांध लबालब नहीं हो पाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020