धमतरी। अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा राष्ट्रव्यापी विरोध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार 24 जून को छत्तीसगढ़ किसान सभा के सदस्यों ने धमतरी में अनुविभागीय दंड अधिकारी (राजस्व) धमतरी को भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सदस्यों ने कहा कि आंदोलन को वापस न लेने की स्थिति में किसान सभा द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के सचिव रेमन लाल यादव व अन्य सदस्यों ने कहा कि सभा द्वारा सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं के राष्ट्रव्यापी विरोध को अपना समर्थन घोषित किया है। शांतिपूर्णढंग से इसका विरोध किया जा रहा है। यह योजना को जवान विरोधी, किसान विरोधी, और राष्ट्र विरोधी है। केंद्र सरकार जय जवान जय किसान के नारे की भावना को तहस-नहस करने पर तुली है। छत्तीसगढ़ किसान सभा जवानों के साथ संघर्ष में कंधे से कंधा जोड़कर खड़ी है। देशभर में विरोध दिवस मनाया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में धमतरी में भी छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा विरोध किया जा रहा है।

यह योजना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है, बल्कि देश के किसान परिवारों के साथ भी धोखा है । इस देश का जवान वर्दीधारी किसान है। अधिकांश सैनिक किसान परिवार से है। सेना की नौकरी लाखों किसान परिवार के मान और आर्थिक संबल से जुड़ी है। यह देश के लिए शर्म का विषय है की वन रैंक वन पेंशन के वादे के साथ पूर्व सैनिकों की रैली से अपना विजय अभियान शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब नो रैंक नो पेंशन की इस योजना को लाद दिया है।

सेना में नियमित भर्ती में भारी कटौती उन किसान पुत्रों के साथ धोखा है जिन्होंने बरसों से फौज में सेवा करने का सपना संजोया था। यह संयोग नहीं है इस योजना में आल इंडिया आल क्लास के नियम से भर्ती करने पर उन सभी इलाकों से भर्ती में सबसे ज्यादा कटौती होगी जहां किसानों ने आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। किसान आंदोलन के हाथों अपनी पराजय से तिलमिलाई सरकार का किसानों से बदला उतारने का एक और हथकंडा है। इस अवसर पर सीटों के जिलाध्यक्ष समीर कुरैशी, महेश शांडिल्य सहित अन्य मौजूद थे।

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