धमतरी। Dhamtari News: नगर के जालमपुर वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के नाम पर बुधवार को किया गया मॉकड्रिल जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बनते जा रहा है। सारा ड्रामा तो तैयारियों का बेहतर प्रदर्शन करने के लिए चला, लेकिन अब मामला उलझता जा रहा है। सीएमएचओ कह रहे हैं कि कोरोना का डमी मरीज एम्स के डेंजर जोन तक गया ही नहीं है। उसे तो गेट से ही लौटा लिया गया था। बावजूद इसके उसे और उसके परिवार के तीन सदस्यों को होम आइसोलेशन में रखे हैं। वहीं एम्स प्रबंधन का कहना है कि डमी डेंजर जोन तक पहुंचा था। इसीलिए उसे ले जाते ही क्वारंटाइन करने को कहा गया था। प्रबंधन का यह भी कहना है कि उनके पर सीसीटीवी में वह फुटेज भी है, जिसमें डमी डेंजर जोन में पहुंचा हुआ है।

बुधवार को पूरे दिन धमतरी ही नहीं, पूरी प्रदेश की मीडिया में देर रात तक चर्चा में बनी रही यह घटना रोज चेहरा बदल रही है। पहले दिन एम्स प्रबंधन के मुताबिक उसे बिना सूचना दिए ही एक व्यक्ति को कोरोना का डमी मरीज बनाकर धमतरी जिला प्रशासन डेंजर जोन तक पहुंचा देता है। वो तो जब उसके सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू हुई, उसके पहले मामला खुला। इसीलिए उसे धमतरी ले जाते ही क्वारंटाइन करने को बोला गया था। लेकिन दूसरी ओर गुरुवार को धमतरी में हुआ कुछ और। डमी मरीज बिना पीपीई किट पहने सिर्फ मास्क लगाकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और वहां अधिकारियों से मिला। शुक्रवार को इस मामले में आगे की जानकारी जुटाने के लिए कलेक्टर रजत बंसल को कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

सीएमएचओ का तर्क

सीएमएचओ डॉ. डीके कुर्रे कह रहे हैं कि यहां से कोई रेफरल लेटर ही नहीं दिया गया था। फिर कैसे डमी मरीज डेंजर जोन तक पहुंच सकता है? बिना जरूरी दस्तावेज के ऐसा संभव ही नहीं है। मेरी टीम से जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक डमी को गेट से ही लौटा लाया गया था। यह पूछने पर कि एम्स प्रबंधन ने फिर यह हिदायत क्यों दी कि डमी को ले जाते ही क्वारंटाइन कर देना, डॉ. कुर्रे कहते हैं कि सुरक्षा की लिहाज से ऐसा कहा होगा।

उठ रहे सवाल

एक तरफ तो सीएमएचओ कह रहे हैं कि डमी मरीज एम्स के डेंजर जोन तक गया ही नहीं, दूसरी ओर उसके समेत परिवार के चार सदस्यों को होम आइसोलशन में भी रखा गया है। तर्क यह दिया जा रहा है कि चूंकि वह हॉट स्पॉट दिल्ली से लौटा था, इसलिए ऐहतियातन ऐसा किया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि 22 मार्च को वह दिल्ली से लौटा और 18 अप्रैल को उसके होम आइसोलेशन की अवधि खत्म हो गई, तो फिर उसे क्यों आइसोलेट किया गया है? इस पर डॉ. कुर्रे सिर्फ यही तर्क दे रहे हैं कि होम आइसोलेशन की अवधि खत्म होने के बाद भी संबंधित पर नजर रखी जाती है।

हमारे पास वह सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें डमी मरीज डेंजर जोन तक पहुंचा नजर आ रहा है। इसके बाद तो तर्क-वितर्क की बात ही खत्म हो जाती है।

- प्रो. डॉक्टर नितिन एम नागरकर, डायरेक्टर एम्स

Posted By: Himanshu Sharma

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