कुरुद, नईदुनिया न्यूज। सावन में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों के खरीफ धान फसल पर खतरा मंडराने लगा है। अंचल में हो रही हल्की बारिश से खेतों की प्यास नहीं बुझ रही है। इससे किसानों में मायूसी है। बादल छाने के साथ बारिश नहीं होने से क्षेत्र के किसान इस साल सूखे की आशंका जाहिर कर रहे हैं।

आषाढ़ माह में संतोषजनक बारिश हुई। लेकिन सावन में बादल नहीं बरस रहे हैं। ऐसे में बोता धान फसल लगाने वाले किसानों की चिंता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। वहीं सूखे की स्थिति को देखते हुए शासन ने अब तक सहकारी बैंकों में फसल बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, जिसका किसानों को बेसब्री से इंतजार है।

पिछले वर्ष बीमा कराने के लिए कंपनी के कर्मचारी गांव की गलियों में नजर आते थे, लेकिन इस साल दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में किसान संशय में हैं। अंचल में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण नहर व नदियों में पर्याप्त पानी नहीं है। तालाबों की भी स्थिति खराब है। सड़क किनारे के गड्ढों में पानी नहीं है। ऐसे में किसान सिंचाई को लेकर बेहद चिंतित है। अब उनकी निगाह आसमान पर टिकी हुई है।

बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटे तक हल्की व तेज बारिश होगी, जिसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कई दिनों में बारिश नहीं हो रही थी और अधिकतम तापमान बढ़ता जा रहा था। इस कारण से उमस भी बढ़ी हुई थी, लेकिन गुरुवार 25 जुलाई की दोपहर अचानक से मौसम ने करवट बदली और तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे क्षेत्र के लोगो ने थोड़ी राहत महसूस की। शुक्रवार 26 जुलाई को भी बदली वाला मौसम होने के कारण वातावरण ठंडा रहा। बूंदाबांदी होती रही। लेकिन बादल नहीं बरसे।

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