धमतरी, नईदुनिया प्रतिनिधि। मत्स्य विभाग ने वर्षा ऋतु में मछलियों की वंशवृद्धि के मद्देनजर बांध नदी और अन्य जल स्रोतों पर मत्स्यखेट पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। वर्तमान में इस आदेश का खुलेआम उल्लंघन होते हुए देखा जा सकता है। गंगरेल, रुद्री बैराज सहित अन्य स्थानों पर मत्स्याखेट जारी है।

गंगरेल बांध, रुद्री बैराज सहित नदी नालों में व अन्य जलस्रोतों पर शासन द्वारा मछलियों की वंशवृद्धि के मद्देनजर प्रतिबंध लगा हुआ है। कुछ लोग इस आदेश का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। जिन्हें शासन के आदेश का किसी तरह का डर नहीं है। कुछ लोग तो जान जोखिम में डालकर मछली पकड़ रहे हैं।

रुद्री बैराज के पिलर में बैठकर लोग मछली पकड़ रहे हैं। पैर फिसलने से यहां खतरा बना हुआ रहता है। पूर्व में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह का हाल सोंढूर बांध, मुरूमसिल्ली बांध के पास भी देखा जा सकता है। कुछ लोग सुबह और शाम के समय यहां पर मछली पकड़ने पहुंच रहे हैं। शासन द्वारा किसी तरह का निरीक्षण और कार्रवाई न करने के कारण इस तरह की घटनाएं आम हो चली है।

पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान

सहायक मत्स्य अधिकारी सीमा चंद्रवंशी ने बताया कि मछलियों की वंशवृद्धि के मद्देनजर, मत्स्योद्योग नियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्याखेट, परिवहन एवं विक्रय पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश का उल्लंघन करने पर पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आज तक किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है।

Chhattisgarh Weather Updates : बस्तर में हुई झमझम बारिश, अगले 48 घंटे के लिए प्रदेश में यलो अलर्ट जारी

Bilaspur Crime :किसी को पता न चले इसलिए अंधेरे में हो रहा था यह काम