धमतरी। मानसून आने में हो रही देरी से किसानों के माथे पर चिंता छाने लगी है। पानी नहीं बरसने से लोग भी उमस और चिपचिपे पसीने से बेहाल होने लगे हैं। बरसात शुरू होने के बाद ही किसानी में तेजी आएगी।

खरीफ सीजन में 1 लाख 43 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ फसल लगाने का लक्ष्य कृषि विभाग ने रखा है। एक फसल लेने वाले अधिकांश किसान मानसून के भरोसे खेती करते है। ऐसे किसान खेतों की जुताई कर पानी बरसने का इंतजार कर रहे हैं। सिंचाई सुविधा सपन्न किसान नर्सरी तैयार करने में लगे हैं। उनके खेतों में कामम तेजी से चल रहा है। जबकि छोटे किसानों के खेतों में जुताई के बाद बारिश के अभाव में काम रुक गया है। मानसून के बादल जब बरसेंगे तब वे बोनी करेंगे। मालूम हो कि धमतरी जिले में 74 हेक्टेयर रकबा सिंचित है, जबकि 69 हेक्टेयर मानसून आधारित खेती होती है। ग्राम भोथली के किसान गरीबाराम साहू ने बताया कि मानसून में देरी से किसान चिंतिंत हो गए है। इस बार ठीक ढंग से पानी बरसेगा या नहीं इसकी चिंता करते हुए किसान आपस में चर्चा करते रहते हैं। भगवान भरोसे या बरसाती पानी से खेती करने वाले किसान मानसून आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नवागांव के किसान बिसन ध्रुव ने बताया कि हफ्ते भर के अंदर तगड़ी वर्षा होना जरुरी हो गया है। किसान खेत बोने के लिए आसमान ताक रहे हैं। पहले ही खेत की जुताई कर किसान पानी बरसने का इंतजार कर रहे हैं। सोरिद के किसान राधे साहू ने बताया कि पिछले साल 20 जून के आसपास मानसून आया था। लगता है इस बार भी उसी समय मानसून आएगा।

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