धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चिटफंड कंपनी में डूबी राशि को वापस करने राज्य सरकार ने निवेशकों से आवेदन मंगाया है, लेकिन आवेदन जमा करने के महीनों बाद भी एक भी निवेशक को फूटी कौड़ी नहीं मिला है। जबकि धमतरी जिले में एक लाख 35000 निवेशकों ने आवेदन जमा किया है। समय पर राशि नहीं मिलने से अब उम्मीदें टूटने लगी है। जबकि धमतरी जिले में दो कंपनियों के जमीन की नीलामी भी हो चुकी है, इसके बाद भी राशि का वितरण नहीं होने से निवेशकों में राज्य सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है।

जिला प्रशासन के पास चिटफंड कंपनियों के निवेशकों द्वारा जमा किए आवेदनों के आधार पर धमतरी जिले में करीब 335 चिटफंड कंपनी काम कर रहा था। इन कंपनियों में एक लाख 35000 निवेशकों ने प्रारंभिक क्लेम चार अरब 39 करोड़ रुपये का किया है। निवेशकों की यह राशि फिलहाल डूब गई है, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार इन निवेशकों की उम्मीदें जाग गई थी कि अब राज्य सरकार राशि वापस करेगी।

राज्य सरकार ने निवेशकों से जिला स्तर पर आवेदन भी जमा कराई है, ऐसे में इन निवेशकों को राशि वापस मिलने की काफी उम्मीद है, लेकिन आवेदन जमा करने के महीनों बाद भी आवेदन जमा करने वाले एक भी निवेशकों को फूटी कौड़ी अब तक नहीं मिला है। ऐसे में अब जागी उम्मीदे फिर टूटने लगी है। क्योंकि धमतरी जिले में अब तक दो चिटफंड कंपनियों की संपत्ति की नीलामी हो चुकी है, लेकिन अभी तक इन कंपनियों के निवेशकों को राशि का वितरण नहीं किया गया है।

राशि वितरण का कार्य संबंधित ब्लाक मुख्यालयों में पेंडिंग में है। जबकि राज्य शासन व जिला प्रशासन लगातार बैठकों में निवेशकों की राशि वापस करने में तेजी लाने निर्देश दे रहे हैं, इसके बाद भी राशि वितरण का कार्य पेंडिंग है। इसे लेकर अब निवेशकों में राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश फूटने लगा है। पिछले दिनों कुछ चिटफंड कंपनियों के निवेशक व एजेंट एसपी कार्यालय के सामने कंपनियों के सभी निवेशकों को बराबर राशि वितरण को लेकर प्रदर्शन किया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local