धमतरी (ब्यूरो)। खरीफ फसल बोने के लिए एक फसली क्षेत्रों के किसान मानसून आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वनांचल इलाके में तो खेत की सफाई के बाद जुताई कर बोनी के लिए खेत तैयार कर लिया गया है। डबल फसली क्षेत्र के किसानों का काम अभी धीमा है।

जून शुरु होते ही खरीफ फसल बोने की तैयारी वनांचल के अलावा मैदानी क्षेत्रों में भी दिखने लगी है। खेतों की सफाई के बाद जुताई की जा रही और गोबर खाद डाला जा रहा है। पिछले खरीफ सीजन में धमतरी जिले के अंदर 1 लाख 44 हजार 920 हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में फसल लगाई गई थी।

ग्राम भटगांव के किसान मंशाराम साहू ने बताया कि कुछ-कुछ खेतों में खरीफ सीजन के लिए किसान जुताई कर रहे हैं। अधिकांश खेतों में अभी तक किसानी का काम शुरु नहीं हो पाया है। नगरी क्षेत्र के किसान शिवचरण सिंह नेताम, सुखराम वट्टी ने बताया कि जंगल इलाके के खेत एक फसली हैं। क्योंकि सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं है। इसलिए मानसून के भरोसे एक फसल लेते हैं।

वनांचल इलाके के बहुत से खेतों में सफाई और जुताई का काम पूरा हो गया है। खेतों में गोबर और कचरा खाद भी डाला जा चुका है। जुताई के बाद खेतों की मिट्टी पलट गई है। अब बादलों से सिंचाई पानी बरसने का इंतजार है। मानसून आने के बाद ही खेतों में किसान धान का बीज छिड़ककर खरीफ फसल की बुआई करेंगे।

पिछले साल 21 जून को आया था मानसून

पिछले साल 21 जून को धमतरी जिले में मानसून ने दस्तक दी थी। झमाझम बारिश कर धमाकेदार एंट्री देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया था। इस वजह से मानसून आने के बाद बोनी करने की सोच रहे किसानों को कुछ दिन और बुआई के लिए इंतजार करना पड़ा था। जिससे बुआई लेट हो गई थी।

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