धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के संबलपुर स्थित धान खरीदी केंद्र में एक दिसंबर को पहले दिन समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत किसान संतोष यादव के लगभग 37 क्विंटल धान के साथ हुई। सुबह-सुबह अपनी उपज लेकर जब यादव केंद्र पहुंचे तो जारी टोकन के हिसाब से खरीदी की तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा उपज की पहली खेप लेकर वे केंद्र आए हैं। उन्हें राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अब तक तीन किश्तों में नौ-नौ हजार रुपये भी मिले हैं, जिसे वे खाद, बीज और अन्य जरूरी काम में उपयोग किए।

यहीं संबलपुर के ही श्रीराम कृष्ण मोहंती भी 34 क्विंटल धान की तौलाई कराते हुए खुशी जताई। खरीदी केंद्र पहुंचे अन्य किसान भी उत्साहित नजर आए। गौरतलब है की संबलपुर सहित धमतरी ज़िले के उपार्जन केंद्रों में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जा रही है। संबलपुर स्थित धान खरीदी केंद्र में आज 31 किसानों का टोकन कटा है और दिनभर में उनसे 944 क्विंटल धान खरीदा गया।

यहां संबलपुर सहित बोड़रा, सांकरा के कुल 1149 किसान पंजीकृत हैं। उनसे 39 हजार 463 क्विंटल 79 किलो धान खरीदा जाएगा। इस बार सुव्यवस्थित धान खरीदी करने किसानों की संबंधित गांव में ही सूची तैयार कर समिति द्वारा उन्हें टोकन जारी किया गया है, जिससे किसानों को असुविधा न हो। इस साल केंद्र में पांच नए चबूतरे भी बनाए गए है। केंद्र में पर्याप्त बारदाने, प्रकाश व्यवस्था, धान सुरक्षा के लिए तीन चौकीदार तैनात किए गए हैं।

इस साल ज़िले के एक लाख 16 हजार 967 पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर चार लाख 53 हजार 191 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है। कलेक्टर पीएस एल्मा के मार्गदर्शन में कार्ययोजना तैयार की गई है। जिले के 96 उपार्जन केंद्रों में टोकन जारी कर हर दिन 2807 किसानों से कुल एक लाख नौ हजार 950 क्विंटल धान खरीदी की जाएगी। सीमांत किसानों से एक बार, मध्यम किसानों से दो बार तथा बड़े किसानों से तीन बार में धान खरीदी की जाएगी।

यदि जिस किसान को टोकन मिला हो और वह किसी वजह से धान बेचने केन्द्र नहीं आता, तो उसे फिर आठ दिन बाद के लिए ही पुनः टोकन जारी किया जाएगा, जिससे कि खरीदी केंद्रों में व्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की जा सके। खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर, हमाल, आर्द्रतामापी यंत्र, तारपोलिन, भूसा-डेनेज, तौल के लिए कांटा-बांट, बारदानों की उपलब्धता, डेटा एंट्री आपरेटर, चबूतरा, समर्थन मूल्य का प्रदर्शन, बैनर-पोस्टर इत्यादि की व्यवस्था की मानिटरिंग करनी होगी। समर्थन मूल्य में धान बेचने को लेकर जिले के किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

Posted By: Ravindra Thengdi

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