धमतरी। दो माह के अंतराल में फिर तेंदुए ने एक मासूम को अपना शिकार बनाया है। बच्ची की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। पहली घटना में बालक और दूसरी घटना में स्कूली छात्रा की मौत हो गई।

धमतरी जिले के नगरी ब्लाक अंतर्गत ग्राम मुकुंदपुर घोटुपारा की कलेंद्री मरकाम, रमली मंडावी, लसीमा, देविका, बिंदेश्वरी, सविता, फूलोबाई, ईश्वरी, विमला के साथ करीब 20 महिलाएं लकड़ी लेने जंगल गए थे। इसी दौरान लकड़ी इकट्ठे कर रही बालिका दीपांजलि पुत्री देवानंद मरकाम (12 ) पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे मासूम बालिका की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई है।

प्रत्यक्षदर्शी रमली बाई मंडावी ने बताया कि मृत बालिका घटना के समय उससे थोड़ी दूर पर ही थी। अचानक तेंदुए ने बालिका पर हमला किया, जिस पर तुरंत लाठी और टांगिया से तेंदुए को डराने की कोशिश की और बालिका को अपनी गोद में ले लिया, लेकिन आक्रमक तेंदुए ने रमली बाई पर भी वार कर दिया। आवाज लगाने पर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे, तब तक बच्ची की सांस थम चुकी थी। महिलाएं बताती हैं कि इसके बाद भी तेंदुआ नहीं हटा और महिलाओं पर आक्रमकता दिखाता रहा, तभी उनके साथ गया एक पुरुष भी वहां पहुच गया। जिसके बाद ही तेंदुआ घटना स्थल से दूर भागा।

इसी इलाके में बालक पर किया था हमला

जानकारी के अनुसार दो माह पहले इसी इलाके में तेंदुए के हमले से एक मासूम बालक की मौत हो गई थी और अभी इस घटना में सातवीं कक्षा में पढ़ रही बालिका की मौत हो गई। दोनों ही घटना एक ही पहाड़ी पर हुई जहां ग्रामीणों के साथ मासूम लकड़ी लेने जंगल गए थे। रेंजर जीएस परमार ने कहा कि पूरी घटना की जानकारी ली जा रही है। बालिका साथियों के साथ जंगल लकड़ी बीनने गई थी। बालिका पर तेंदुआ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई है। वन विभाग की टीम मौके पर है। पंचनामा की कार्रवाई चल रही है।

पिंजरा लगाकर पकड़ा गया था तेंदुआ

दो माह पूर्व हुई घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाकर उसी स्थान से एक तेंदुए को पकड़ा था, जिसे बोराई के जंगल में सीतानदी अभयारण्य में छोड़ दिया गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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