महासमुंद (नईदुनिया न्यूज)। पुरातत्विक नगरी सिरपुर का रायकेरा तालाब में गुरुवार को अचानक मोटर बोट की आवा से गूंज उठा। कोई जवान व्यक्ति को पानी में डूबने से बचाने, तो कोई मदद के लिए पुकार रहा था। तो कहीं दूसरे की मदद करते हुए दिख रहे थे। आप सोच रहे होंगे कि यहाँ कोई हादसा हो गया हो, जिसकी वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्ना हुई, लेकिन ऐसा बिल्कुल नही।

यह कोई हादसा नहीं था बल्कि किसी आपदा से निपटने के लिए आयोजित माक ड्रिल का दृश्य था। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा माक ड्रिल (एक्सरसाइज) का आयोजन किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के समारोह के उपलक्ष्‌य में देश के 75 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान बताया गया कि यदि नदी, तालाब, बाढ़ पानी की स्थिति बन जाए तो उस समय क्या जरूरी उपाय करना चाहिए। इस मौके पर पीड़ितों के बचाव का अभ्यास किया गया। पीड़ितों को स्थानीय अस्पताल में भेजना तथा प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को सूचित करना, जिला प्रशासन की ओर से अगली कार्रवाई के लिए एनडीआरएफ को बुलाना आदि माक ड्रिल का हिस्सा रहे।

बुधवार को जिला कार्यालय के महानदी सभाकक्ष में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) थर्ड बटालियन के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित हुई थी ।

इस पूरी एक्सरसाइज को थर्ड एनडीआरएफ बटालियन, मंडलई कटक (ओड़िशा) के अधिकारी राजेश साहू, एवं अधिकारियों ने इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया गया, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमें आपदा प्रबंधन की शुरुआत स्वयं से शुरू करनी होगी तथा जन-जन को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक करना होगा। इस मौक़े पर अपर कलेक्टर ओपी कोसरिया, अनुविभागीय अधिकारी भागवत जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर नेहा कपूर, एसके टंडन उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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