धमतरी। खरीफ खेती-किसानी के मुख्य समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से इस साल वनांचल क्षेत्र में मानसून पर निर्भर होकर खेती-किसानी करने वाले नगरी व मगरलोड ब्लाक के कई गांवों में धान फसल का बुरा हाल है। आषाढ़ व सावन माह में संतोषप्रद बारिश नहीं होने से सिंचाई पानी के अभाव में धान के पौधों का विकास थम गया। बोता धान के पौधों की उंचाई सात से आठ इंच है, जिसमें से अब धान की बालियां निकल रही है। निकली अधिकांश बालियां बदरा है, इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

जिले के धमतरी, कुरूद और भखारा क्षेत्र के अधिकांश किसान खरीफ सीजन की खेती-किसानी मानसून व बोर सिंचाई के माध्यम से करते हैं। इस साल खरीफ खेती किसानी के मुख्य सीजन आषाढ़ व सावन माह में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, ऐसे में धान फसल की सिंचाई बोर के माध्यम से किया, लेकिन वनांचल क्षेत्र नगरी व मगरलोड ब्लाक के अधिकांश किसान बोता धान फसल मानसून के पानी पर निर्भर होकर करते हैं, ऐसे किसानों के धान फसल का विकास नहीं हो पाया। धान के पौधों की उंचाई सात से आठ इंच है, जो बहुत ही कम है। सिंचाई पानी नहीं मिलने से धान के पौधों पर समय से पहल बालियां निकल आई, जिसमें से अधिक बालियां बदरा है। नगरी ब्लाक के किसान 22 सितंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

किसानों ने सुनाया दुखड़ा

ग्राम बेधवापथरा के किसान धरम सिंह जुर्री, रूपराम नेताम, लत कुमार यादव ने बताया कि बेधवापथरा, गोदनानाला, सेलबाहरा, खैरभर्री समेत क्षेत्र के कई गांवों के धान फसल इस साल खराब है। पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से पौधों का विकास नहीं हुआ और समय से पहले ही छोटे-छोटे पौधों से बालिया निकल आई हैं, इसमें से अधिकांश बालियां बदरा है, जो कोई काम का नहीं है। बहुत ही कम उत्पादन आएगा, जिससे लागत वसूल नहीं हो पाएगा। इन गांवों के प्रभावित किसानों ने शासन से क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने शासन से मांग की है। साथ ही कहा कि क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर शासकीय योजनाओं का लाभ गांव के प्रभावित किसानों व मजदूरों को दिया जाए। जिले के नगरी और मगरलोड ब्लाक के सघन वनांचल क्षेत्रों में बसे कई गांवों में धान फसल खराब होने के बाद अंचल में भादो माह में अच्छी बारिश हुई है, जो किसानों के कोई काम नहीं आया। कृषि उपसंचालक जीएस कौशल का कहना है कि वनांचल क्षेत्र के कई किसानों के धान फसल सिंचाई पानी के अभाव में हर साल प्रभावित होते हैं, जिन्हें शासन के मुआवजा व बीमा योजना का लाभ मिलता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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