धमतरी। जिले के अधिकांश सोसाइटियों में डीएपी खाद की किल्लत बरकरार है। किसानों के प्रदर्शन व मांग के बाद भी सोसाइटियों में खाद का भंडारण नहीं हुआ है। वर्तमान में 74 सोसाइटियों में सिर्फ 303 टन डीएपी खाद उपलब्ध है, जो किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।

खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को सोसाइटियों में डीएपी खाद के भंडारण होने का इंतजार है, ताकि वे खरीफ खेती-किसानी के लिए खाद की खरीदी कर स्टाक कर सके।

डीएपी खाद की किल्लत जिले में लंबे समय से बनी हुई है। डबल लाक में ही खाद का भंडारण नहीं हुआ है, ऐसे में सोसाइटियों में पर्याप्त खाद नहीं है। जिला नोडल अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एक जुलाई की स्थिति में जिले सोसाइटियों में सिर्फ 303 टन डीएपी खाद का स्टाक है। यह खाद सभी सोसाइटियों में नहीं है।

अलग-अलग सोसाइटियों में शेष बची हुई है, जो किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। जबकि सोसाइटियों में डीएपी खाद की मांग बनी हुई है, इसके बाद भी भंडारण नहीं किया जा रहा है।

शासन स्तर से ही डीएमओ में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। सोसाइटियों में खाद नहीं मिलने से मजबूरी में किसान निजी खाद दुकानों से खाद की खरीदी कर रहे हैं। किसान मोहन लाल, ईश्वर साहू, घनानंद, पुनारद राम ने बताया कि सोसाइटियों से उम्मीद टूटने के बाद वे मजबूर होकर निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद की खरीदी कर रहे हैं।

74 सोसाइटियों में कुल 4906 टन खाद शेष

खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष शासन से सोसाइटियों में सभी प्रकार के 23004 टन खाद का भंडारण हुआ था। इसमें से अभी तक 18098 टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसमें यूरिया कुल 12170 टन का भंडारण हुआ था, इसमें से 9254 टन का वितरण हो चुका है, जबकि 2916 टन यूरिया खाद शेष है।

इसी तरह सुपर फास्फेट कुल 4403 टन का भंडारण हुआ था, इसमें से 3088 का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जबकि 1314 टन शेष है। डीएपी खाद कुल 5450 टन का भंडारण हुआ था, इसमें से 5147 टन का वितरण किया जा चुका है, जबकि 303 टन खाद ही शेष है। पोटाश 981 टन का भंडारण हुआ था, इसमें से 608 टन का वितरण किया जा चुका है और 372 टन खाद शेष है।

इस तरह जिले के सोसाइटियों में वर्तमान में सभी तरह के खाद 4906 टन शेष है। इसका उठाव किसान कर रहे हैं। इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी शिवेश मिश्रा ने बताया कि शासन स्तर से ही डीएपी खाद का भंडारण नहीं हो पाया है। खाद आते ही सोसाइटियों में भंडारण किया जाएगा।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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