धमतरी। बकरी बेचकर देशभर में स्वच्छता की अलख जगाने वाली स्व. कुंवर बाई यादव का गांव जल्द ही ओवरब्रिज से जुड़ेगा और यहां पर्यटन विस्तार भी होगा। जल संसाधन विभाग ने इसके लिए 35 करोड़ का प्रोजेक्ट राज्य सरकार को भेजा है।

प्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन स्थल गंगरेल बांध को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की मुहिम में यह एक बड़ा उपक्रम माना जा रहा है।

राज्य सरकार प्रदेश के प्राकृतिक स्थलों के साथ-साथ पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। इस कड़ी में गंगरेल बांध का नाम भी प्रमुखता से आता है। यहां पर्यटन विस्तार के लिए कई कार्य हो चुके हैं। अब कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी है।

इन्हीं में से एक है कोटाभर्री गंगरेल जलाशय के समीप पहाड़ी व वन क्षेत्र के बीच बसे इस गांव ने न सिर्फ छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह स्वच्छतादूत स्व. कुंवरबाई का गांव है। बकरी चराकर भरण-पोषण करने वाली इस गरीब बुजुर्ग महिला ने कुछ अलग करके अपना नाम रोशन किया था। उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वर्णिम अभियान स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए अपनी बकरियां बेचकर घर में शौचालय बनाया था। प्रधानमंत्री उनके इस कदम से खुद इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने कुंवर बाई का नाम राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाया था और छत्तीसगढ़ प्रवास पर चरण छूकर आशीर्वाद भी लिए थे।

अब कुंवर बाई तो इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन कोटाभर्री में अपनी अमिट छाप छोड़ गई है और इस गांव को विकसित करने के लिए प्रशासन ने पहले से ही काफी उपाय कर रखे हैं। अब इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने के बड़े उपाय किए जा रहे हैं।

क्यों जरूरी है ओवरब्रिज

जल प्रबंध उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी एलएल देवांगन ने बताया कि गंगरेल शिव चौक से कोटाभर्री तक महानदी ओवरब्रिज बनाने के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस ब्रिज के बनने से बांध के ऊपर आवागमन का दबाव नहीं रहेगा।

वर्तमान में बांध के उपर से ही बने सड़क में ही क्षेत्र के ग्राम कोटाभर्री, बरारी, फूटहामुड़ा, माकरदोना आदि गांवों के लोग यहां से आवाजाही करते हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा कारणों के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पिछले कई सालों से सैलानियों के लिए इस रास्ते को बंद कर दिया गया है, इससे संबंधित गांवों के लोगों की आवाजाही भी बाधित है।

ओवरब्रिज बन जाने से क्षेत्रवासी 24 घंटे बे रोकटोक आवाजाही कर सकेंगे। पर्यटन का विस्तार होगा और लोग पूरे इलाके में जंगल, पहाड़ी आदि प्राकृतिक दृश्यों से भी अवगत हो सकेंगे। इससे गंगरेल में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

माड़मसिल्ली व दुधावा को भी संवारने की कवायद

पूरे प्रदेश में गंगरेल बांध के वाटर स्पोर्ट्स का सबसे अधिक क्रेज है। यहां प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंचते है और लुत्फ उठाते हैं। पिछले कुछ सालों के भीतर गंगरेल बांध में बड़ी तादाद में सैलानी पहुंच रहे हैं, इसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग माड़मसिल्ली और दुधावा को भी वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित करने की तैयारी में है, ताकि सैलानी ज्यादा से ज्यादा पहुंच सके। कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी ने भी रूचि दिखाते हुए राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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