धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के मुख्य निकासी खुला पीडी नाला मौत को दावत दे रहा हैं। नाला को नहीं ढकने से पूरे सालभर मवेशियों व लोगों के लिए जान का खतरा बना रहता है। अधिक बारिश होने पर पानी का बहाव तेज रहता है, बच्चों व लोगों के बहने की आशंका रहता है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से इस खुले नाला को ढकने के लिए वर्षों से कोई पहल नहीं की गई है। बारिश शुरू हो गई है, अब इस नाला से ज्यादा खतरा बना हुआ है। निकासी के लिए निगम की ओर से सिर्फ जेसीबी लगाकर सफाई की जाती है।

नेशनल हाईवे से लगा रत्नाबांधा रोड पर पीडी नाला है, जो शहर के गंदा पानी व बरसाती पानी निकासी का मुख्य द्वार है। इस नाले को सहेजने निगम की ओर से प्रयास जारी है, लेकिन नाले से लोगों व मवेशियों के खतरे को लेकर निगम गंभीर नहीं है। नाला की गहराई पांच फीट से अधिक है। जिसमें सालभर पानी भरा रहता है। बारिश के दिनों में तो इस नाले के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बनती है, जबकि नाला पूरी तरह से खुला हुआ है। नाला के पास लोगों की बसाहट है। मुख्य मार्ग से लगा हुआ है, ऐसे में अधिकांश समय लोगों व बच्चों की आवाजाही बना रहता है।

अधिकारियों को देंगे निर्देशः नगर निगम के महापौर विजय देवांगन ने कहा कि पीडी नाला वर्षों से खुला है। फिलहाल कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम के अधिकारियों को इस नाले का निरीक्षण कर जो भी सुरक्षा के उपाय होंगे, उसे करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।

कई बार गिर चुके हैं मवेशी

इस नाला के पास से मवेशी भी गुजरते हैं। कई बार इस नाला में मवेशी गिर चुके हैं। गिरने से चोटिंल हुआ है। वर्तमान में नाले के ऊपर तीन-चार ईंट दीवार बनाया है। नाला में यदि बच्चे गिरते हैं, तो बहकर सीधे पुल के अंदर जाएगा, इससे जान बच पाना संभव नहीं है। ऐसे में इस खुले पीडी नाला में सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम को लोहे के जाली से ऊपर को ढकना चाहिए, ताकि मवेशी न गिरने और लोगों के बहने की आशंका न हो। वर्तमान में नगर निगम इस नाले का निर्माण करा रहा है, जहां सुरक्षा के उपाय भी किया जाए। शहरवासी टिकेश्वर कुमार साहू, श्यामलाल, मनोहर लाल, सूरज कुमार आदि का कहना है कि इस खुला नाला को ढका जाए, ताकि इसमें किसी तरह से अनहोनी न हो। वहीं खुला नाला होने की वजह से घरों व दफ्तरों तक बदबू जाता है। यहां आसपास कई दुकान व दफ्तर संचालित है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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