धमतरी। रेलवे के जमीन पर अतिक्रमण कर सालों से निवासरत परिवारों को रेलवे प्रशासन से जमीन छोड़ने नोटिस मिलने के बाद उनमें हड़कंप मच गया है। प्रभावित परिवार के लोग परिवार सहित नगर निगम कार्यालय पहुंचकर महापौर से मिले।

व्यवस्थापन तक रेलवे प्रशासन से कार्रवाई रुकवाने की गुहार लगाई है। प्रभावित परिवारों को महापौर ने व्यवस्थापन कराने का भरोसा दिलाया, तब जाकर प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।

औद्योगिक वार्ड पार्षद चोवाराम वर्मा की अगुवाई में 24 जनवरी को औद्योगिक और स्टेशनपारा के रेलवे प्रभावित परिवार नगर निगम कार्यालय पहुंचे। प्रभावित परिवार के सदस्य लक्ष्‌मी बाई, रुखमणी, अर्जुन साहू, लखन सिंह, विजय कुमार, पार्वती बाई, कुरूणा बाई, मोना चौधरी, जयंती और रंभा बाई समेत अन्य परिवार महापौर विजय देवांगन को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रभावितों ने सौंपे ज्ञापन में कहा है कि रेलवे प्रशासन ने इन परिवारों को अतिक्रमित जगह छोड़ने नोटिस जारी किया है।

सात दिनों के भीतर जगह नहीं छोड़ने पर कानूनी कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है, ऐसे में परिवार के सदस्यों का नींद हराम है। प्रभावित परिवारों ने महापौर विजय देवांगन से व्यवस्थापन की मांग की है। व्यवस्थापन होने तक रेलवे प्रशासन से कार्रवाई रूकवाने की गुहार लगाई है।

वार्डवासियों की मांग पर महापौर विजय देवांगन ने कलेक्टर पीएस एल्मा से मोबाइल पर चर्चा कर कहा कि जब तक इन प्रभावितों को नगर निगम व्यवस्थापित नहीं कर देता, तब तक रेलवे प्रशासन से चर्चा कर कार्रवाई रुकवाने की बात कही है। महापौर विजय देवांगन ने जब कलेक्टर से इस संबंध में चर्चा की और प्रभावित परिवारों को व्यवस्थापन करने का आश्वासन दिया, तब जाकर इन लोगों ने राहत की सांस ली है।

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प्रभावितों के लिए बन रहा आवास

महापौर विजय देवांगन ने बताया कि रेलवे प्रभावित परिवारों के लिए शहर के ट्रेचिंग ग्राउंड में आवास बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन आवास अधूरा छोड़कर एक ठेकेदार भाग गए। इसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं दूसरे ठेकेदार से निर्माण कार्य कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नया ठेकेदार द्वारा इस आवास को बनाया जाएगा। आवास तैयार होने के बाद इन परिवारों को यहां व्यवस्थापित किया जाएगा।

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मुआवजा से किसान संतुष्ट नहीं

धमतरी-केंद्री तक करीब 50 किलोमीटर बड़ीरेल लाइन बनाया जाना है, इसके लिए 500 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत है। बड़ी रेललाइन बनाने कार्य शुरू हो गया है। पटरी बनाने किसानों के अधिग्रहित जमीन के बदले उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। कोटगांव से धमतरी तक जिले में 495 किसानों के जमीन को अधिग्रहित किया गया है, जिन्हें मुआवजा देने के लिए कलेक्टर ने अवार्ड पारित कर दिया है।

वहीं किसानों को मुआवजा देने के लिए रेलवे मंत्रालय ने जिला प्रशासन को 27 करोड़ रुपये भेज दिया है, जिसे किसानों को वितरित किया जाएगा। रेलवे मंत्रालय से जारी मुआवजा पत्र को लेकर प्रभावित किसानों में आक्रोशित है। चार दिन पहले रेलवे के प्रभावित स्टेशनपारा, बठेना और औद्योगिक वार्ड के किसानों ने कम मुआवजा को लेकर एक हो गया है।

बैठक कर प्रभावितों ने मुआवजा लेने से इंकार करने पर एकजुट होने लगा है। कलेक्टर पीएस एल्मा ने बताया कि रेलवे मंत्रालय से जारी मुआवजा राशि को जिले के प्रभावित किसानों को वितरण किया जा रहा है। रेलवे एक्ट के तहत राशि दिया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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