धमतरी । खरीफ धान फसल के लिए खाद की मांग लेकर किसानों को सोसाइटियों के बजाय अब कलेक्ट्रेट का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लंबे समय से जिले में खाद की किल्लत बरकरार है, जो अब तक दूर नहीं हुआ है। डोंगरडुला सोसाइटी से जुड़े 21 गावों के एक हजार से अधिक किसानों के लिए खाद उपलब्ध कराने की मांग लेकर किसानों के प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर सोसाइटी में शीघ्र खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं उमरगांव के किसान भी गांव के 1500 किसानों के लिए खाद की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।

नगरी ब्लाक में संचालित डोंगरडुला सोसाइटी से जुड़े किसान व जनपद पंचायत सदस्य बंशीलाल सोरी, मानकलाल साहू, नर्सिंग मरकाम, बालमुकुंद ध्रुव, पुरूषोत्तम ध्रुव, रामरतन धु्‌रव आदि पांच जुलाई को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि इस सोसायटी में 12 ग्राम पंचायतों के 21 गांवों के 1000 से अधिक किसान जुड़े हुए है। खरीफ धान फसल लेने के लिए इन किसानों को खाद की जरूरत है, लेकिन सोसाइटी में लंबे समय से खाद की व्यवस्था नहीं की गई है, ऐसे में इन गांवों के किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

ग्राम गुहाननाला, बांधा, राजपुर, दुगली, परसापानी, कोलियारी, अछोली, बिलभदर, दलदली, पालगांव, केरोमुंडा आदि गांवों के किसानों के लिए खाद की जरूरत है, लेकिन सोसाइटी में नहीं होने से किसान सोसाइटियों का चक्कर काट रहे हैं। वहीं सोसाइटी में नया नियम के तहत जो खाद उपलब्ध है, सिर्फ उसी के लिए रसीद काटा जा रहा है, ऐसे में किसानों को खाद के लिए कई बार आकर परिवहन खर्च देना पड़ रहा है, इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने शासन से शीघ्र ही डोंगरडुला सोसाइटी में किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर किसान खेती-किसानी छोड़कर खाद के लिए सड़क की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है।

उमरगांवों के किसानों ने भी मांगा खादः नगरी ब्लाक के ग्राम उमरगांव के किसान लीलाम्बर पटेल, घुरूउराम, कामता प्रसाद, कान्हा गुप्ता, संतोष शेष, मंशाराम सोम, ठाकुर राम ध्रुवा, नारायण मरकाम आदि किसान चार जुलाई को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गांव में 1500 किसान है, जो खाद के लिए आदिम जाति सहकारी सेवा समिति सांकरा पर निर्भर है। इस समिति से सिर्फ 25 किसानों के लिए खाद की व्यवस्था की गई है, जबकि 75 प्रतिशत किसानों के लिए खाद की व्यवस्था नहीं हो पाई है, ऐसे में क्षेत्र के किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। समिति कर्मचारी खाद नहीं भेजने की जानकारी देते हैं, इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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