धमतरी। 27 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे शिक्षक अभ्यर्थी अब भूखे मरने को मजबूर हो गए हैं। कहीं कोई मजदूरी कर पेट पाल रहा है तो कोई चाय बेच रहा है। इधर राज्य सरकार भर्ती को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे रही है। इसी बीच एक शिक्षक चयनित अभ्यर्थी ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। राज्यपाल को भेजे गए पत्र में धमतरी जिले के कुरुद ब्लाक ग्राम भोथली निवासी शिक्षक अभ्यर्थी इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि वह आर्थिक रूप से बेहद परेशान है ऐसे में उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। इंद्रजीत ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उसने पढ़ाई पूरी की है।

पढ़ाई के लिए उसने करीब दो लाख रुपये का लोन भी लिया था। शिक्षक भर्ती में चयनित होने के बाद आस जगी कि वह जल्द ही अपना लोन चुका देगा, लेकिन 27 महीने गुजर जाने के बाद भी अभी तक नियुक्ति को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। इंद्रजीत बताता है कि उसके पिता आटा चक्की चलाते थे, लेकिन पिता की तबीयत खराब होने की वजह से आटा चक्की भी बंद हो गया है।

वो खुद एक निजी स्कूल में पढ़ाता था फिर कोचिंग क्लास लेता था लेकिन कोरोना महामारी में सब बंद हो गया है। पूरा परिवार अब भुखमरी की हालत में आ गया है। उधर लोन को लेकर बैंक से भी लगातार नोटिस आ रहा है। उसे राज्यपाल के जवाब का इंतजार है। फिलहाल तो धारा 144 की वजह से वो प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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