धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पढ़ाई-लिखाई बंद कर हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों पर ग्रामीण व विद्यार्थियों का गुस्सा हड़ताल खत्म कर स्कूल पहुंचने शिक्षक-शिक्षिकाओं पर फूटा। स्कूल में ताला जड़कर शिक्षकों को प्रवेश देने से ग्रामीणों ने रोक दिया। एक घंटे तक शिक्षकों व ग्रामीणों के बीच बहस के बाद शिक्षकों द्वारा अतिरिक्त समय देकर अधूरा कोर्स को पूरा कराने के शर्त पर प्रवेश दिया गया। वहीं शिक्षकों को पालकों की भीड़ ने जमकर खरीखोटी सुनाई।

34 प्रतिशत महंगाई भत्ता व सातवें वेतनमान के तहत गृह भाड़ा की मांग को लेकर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन को समर्थन देकर शिक्षकों ने स्कूलों का बहिष्कार कर 25 से 29 जुलाई तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की। हड़ताल खत्म होने के बाद 30 जुलाई की सुबह ग्राम शकरवारा के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ एक पुरुष शिक्षक व दो महिला शिक्षक ड्यूटी ज्वाइन कर पढ़ाने पहुंचे, तो स्कूल के गेट पर पालकों व विद्यार्थियों की भीड़ ने गेट पर ताला जड़कर शिक्षकों को प्रवेश नहीं दिया।

इससे शिक्षक व शिक्षिकाओं में हड़कंप मच गया। करीब एक घंटे तक शिक्षकों को स्कूल के बाहर खड़ा रखे। पालकों की भीड़ ने शिक्षकों को जमकर खरीखोटी सुनाया। ऐसे में शिक्षकों ने कहा कि हड़ताल के दौरान पढ़ाई में जो भी नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई के लिए वे हर रोज आधे घंटे अतिरिक्त बच्चों को समय देकर पढ़ाई कराएंगे। इसके बाद भी पालक सहमत हुए और शिक्षकों को स्कूल में शर्त के आधार पर प्रवेश दिया। वहीं भविष्य में इस तरह हड़ताल पर नहीं जाने ग्रामीणों ने चेतावनी दी है।

पालकों ने मांगी टीसी

स्कूल गेट के पास प्रदर्शन के दौरान पालकों की भीड़ ने अपने बच्चों की टीसी शिक्षकों से मांगी। पालकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि साल में शिक्षक कई बार आंदोलन पर चले जाते हैं, इससे पढ़ाई प्रभावित होता है। खामियाजा पालकों व विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है। शिक्षकों के इस रवैया से परेशान कई पालक अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। पालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि वे अपने बच्चों को शासकीय स्कूल में दाखिला देकर पढ़ाई कराए और आंदोलन में चले जाएंगे, वे कुछ नहीं कहेंगे।

ग्रामीणों का विरोध सहीं हैः प्रधानपाठक

शासकीय प्राथमिक शाला शकरवारा के प्रधानपाठक पवन कुमार ध्रुव ने बताया कि हड़ताल से लौटने पर उनके स्कूल प्रवेश पर पालकों व विद्यार्थियों ने विरोध जताया। पालकों का यह विरोध सहींं है। संघ के आह्वान पर वे हड़ताल पर गए हुए थे। पढ़ाई में जो नुकसान हुआ है, उसे अतिरिक्त समय बच्चों को पढ़ाई कराकर भरपाई करेंगे। पालक व ग्रामीण सुजीत कुमार यादव व भूषण कुमार उइके ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल मध्यान्ह भोजन खिलाने के लिए भेंजे। शिक्षक हड़ताल पर गए थे, इसलिए पालकों की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने नाराजगी जाहिर कर करीब एक घंटे तक शिक्षकों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया।

Posted By: Pramod Sahu

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