धमतरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खेत में तैयार धान फसल को खाने के लालच में तीन हाथी पानी संग्रहण के लिए बनाए गए डबरी(पोखर) में गिरकर फंस गए। तीनों हाथी वहां से निकलने घंटों चिंघाड़ते रहे। नौ घंटे के बाद दो हाथी भोर में किसी तरह बाहर निकले। जबकि एक हाथी को वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। तीनों हाथी अब जंगल में सुरक्षित व स्वस्थ है। इस दौरान जंगल के आसपास 30 से अधिक हाथी मौजूद थे।

27 अक्टूबर की रात वनांचल नगरी के दुगली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम चारगांव के जंगल में 30 से अधिक हाथी पहुंचे। यहां रात आठ बजे किसान रमेश नेताम के खेत में लगे सोलर पंप के पास डबरी में हाथियों के दल में से तीन हाथी गिरकर फंस गए। फंसे हाथी बाहर निकलने घंटों चिंघाड़ते रहे।

घटना की जानकारी जब ग्रामीणों को हुई, तो ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को दिए। खबर पाकर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पूरी सुविधा के साथ घटना स्थल के आसपास पहुंचे। हाथी को फंसे हुए देखकर उन्हें सुबह रेस्क्यू कर बाहर निकालने का निर्णय लिया और हाथियों की निगरानी रात में करने अधिकारी-कर्मचारियों की टीम तैनात रहे।

वहां डीएफओ मयंक पांडेय भी पहुंचे हुए थे। खेत के चारों ओर लगभग 30 हाथी विचरण कर रहे थे। उनमें किसी तरह की व्याकुलता नहीं दिख रही थी। इससे अनुमान लगाया गया कि खेत के डबरी में गिरे हाथी सुरक्षित हैं। सुरक्षा की दृष्टि से रात में आपरेशन रेस्क्यू नहीं करने का निर्णय लिया गया, लेकिन वन विभाग ने दो जेसीबी, सर्च लाइट्स, रेत और लकड़ी के लट्ठे आदि की व्यवस्था कर ली थी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जाए।

देर तक प्रयास के बाद मिली सफलता

इस बीच 28 अक्टूबर की अलसुबह पांच बजे गड्ढे में गिरे तीनों हाथी में से दो हाथी भारी प्रयासों के बाद समीप के सोलर संयंत्र के सहारे बाहर निकल गए। तीसरा हाथी नहीं निकल पा रहा था। इसके लिए वन अमले ने जेसीबी से डबरी के एक छोर को हटाया, ताकि वहां से हाथी उस छोर से निकल सके।

थोड़ी देर में तीसरा हाथी भी निकल आया। तीसरे हाथी को निकालने वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किए गए रेस्क्यू सफल रहा। डबरी से हाथी बाहर निकलने के बाद जंगल की ओर स्वयं चला गया। इस दौरान वहां पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी दूर पर रहे। अब तीनों हाथी जंगल के भीतर सुरक्षित और स्वस्थ है।

Posted By: Pramod Sahu

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