धमतरी। श्री मानस समिति धमतरी ने चार अगस्त को मानस भवन जोधापुर धमतरी में हर्षोल्लास के साथ संत शिरोमणी गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष लखमशी भाई भानुशाली, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश महावर, प्रधानाचार्य उमराव साहू मौजूद थे।

श्री मानस शिशु मंदिर जोधापुर धमतरी के नन्हें बाल कलाकारों ने आचार्य द्रौपदी सिन्हा के निर्देशन में तैयार सर्व धर्म समभाव पर आधारित प्रहसन प्रस्तुत किया। इस अभिनय को प्रांजल सोनवानी, दीपांशु साहू, वरुण नाग, देवराज साहू और आदित्य चंदेल ने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध मानस मर्मज्ञ, मानस व्याख्याकार पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि हजारों वर्षों के तप, साधना और यज्ञों से तुलसीदास जैसे संत महात्मा का धरती में अवतरण होता है जो असाधारण प्रतिभा के धनी होते हैं। केवल मानव कल्याण के लिए जीते हैं।

तुलसीदास साधारण बच्चे नहीं थे। सामान्यतः मां के गर्भ से नौ माह में बच्चे जन्म लेते है किंतु तुलसीदास 12 मास के बाद सावन माह के सप्तमी को अद्भुत मूल नक्षत्र में पैदा हुए। आश्चर्य है बत्तीस दांत के साथ। जन्म होते ही बच्चे रुदन करते हैं किंतु तुलसीदास के मुख से राम नाम का उच्चारण हुआ इसलिए बचपन में उन्हें राम पुकारा जाता था।

जन्म होते ही मां हुलसी चल बसी, दासी भी कुछ वर्ष में स्वर्ग सिधार गई। गुरु नरहरि के आश्रम में पहले ही दिन उसे अत्यंत ही डरावनी प्रेत का सामना हुआ तब बालक तुलसीदास ने निडरता पूर्वक हनुमान को याद किया तभी से हनुमान चालीसा की शुरुआत हुई और लोग भूत-प्रेत संकट से निजात पाने हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

तुलसी का जीवन संकट और कठिनाई पूर्ण रहते हुए भी समस्त संसार के लिए भव सागर पार करने रामचरित मानस जैसे महान ग्रंथ की रचना की। अध्यक्षता करते हुए नरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि तुलसीदास एक महान विद्वान, कवि के अलावा समाज सुधारक थे उनकी सभी रचनाएं मानव जीवन के लिए अमृत तुल्य है, कल्पवृक्ष के समान है। ऐसे ही हर मानव को अपने माता- पिता, देश समाज, दुनिया के लिए समर्पित भाव से निःस्वार्थ भावना से सेवा करनी चाहिए।

कार्यक्रम में गुरु कृपा बाल संस्कार मानस परिवार गंगा सागर बालोद द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुति से श्रोता भावविभोर हो गए। कार्यक्रम का संचालन समिति सचिव नन्दलाल यादव ने किया। कार्यक्रम में झुमुकलाल साहू, गिरधारी लाल गजेन्द्र,पंचू राम साहू, उमराव साहू, सतीश कुमार साहू, धनंजय साहू, कामिनी सेन, कामनी निषाद, भूमिका साहू, नन्द कुमारी ध्रुव, पूजा राठौर, शंकुतला सिन्हा, मुकुंद मुरारी यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।

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जीवन की चुनौतियों से सामना करने की प्रेरणा देता है रामचरित मानस

गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर आस्था विद्या मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचराम पटेल, अध्यक्ष ज्ञान आस्था एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन रावां, अध्यक्षता जीके पटेल प्राचार्य आस्था विद्या मंदिर रांवा रहे।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रामचरित मानस के चौपाई का मधुरलय में गान किया। कक्षा नौवीं के छात्र-छात्राओं ने श्री रामायण सुमिरन और अयोध्या कांड की चौपाई, कक्षा पांचवीं के छात्र-छात्राओं ने श्रीराम जी का भजन गायन, कक्षा छठवीं के छात्र-छात्राओं ने अयोध्या कांड की चौपाई का गान किया।

कक्षा सातवीं के छात्र- छात्राओं ने अरण्य कांड दोहा क्रमांक 26,27 की चौपाई, कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राओं ने सुंदर कांड की चौपाई कक्षा 11वीं के छात्रा-छात्राओं ने श्रीराम भजन, लवकुश भजन, गाकर सबका मन मोह लिया। कक्षा 10 वीं के छात्र-छात्राओं ने बाल कांड की चौपाई का सस्वर गान करके वातावरण राममय कर दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंचराम पटेल ने आयोजन के द्वारा सनातन धर्म का ज्ञान वर्तमान पीढ़ी को दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त किया। शिक्षिका विजयलक्ष्मी साहू ने गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय बताते हुए रामचरितमानस के प्रतिदिन अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य जीके पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश का हर बालक प्रभु श्रीराम के जैसे अपने कर्त्तव्य और मर्यादा का पालन करने वाले हो तथा हर बालिका माता सीता के जैसे धैर्य और विनम्र हो, प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र को बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें प्रतिपल जीवन की चुनौतियों से मुस्कुराते हुए सामना करने की प्रेरणा देता है।

शिक्षक नुरेन्द्र देवांगन ने तुलसीदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए रामचरित मानस से जुड़े प्रश्न छात्रों से पूछे। सभा को शिक्षक डोमेश्वर साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने हम सबको रामचरितमानस मानस देकर हमें जीवन जीने की राह दिखाई है।

इस अवसर पर संस्था के शिक्षक गण रविशंकर सेन, टोकेश्वर साहू, डार्विन साहू, मिलेश साहू टोमन लाल साहू, एमआर साहू, लक्ष्मी साहू मीनाक्षी बया, हेमलता साहू, हिरेन्द्र सोनबेर, डुमेश्वरी साहू, नीरज साहू एवं छात्र-छात्राएं व अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक प्रभारी हिमांचल गिरी गोस्वामी ने किया।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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