धमतरी। गायत्री परिवार के लिए पांच एकड़ जमीन नापने पहुंचे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआइ व पटवारी को ग्रामीणों के विरोध के बाद बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने जमीन देने से मना कर आबादी भूमि सुरक्षित रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि हमसे पूछे बिना जमीन देने शासन ने आदेश दिया है, जो उचित नहीं है।

गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी व सदस्यों ने शासन से ग्राम पंचायत भानपुरी में पांच एकड़ जमीन दिलाने की मांग की थी। मांग पर शासन ने जमीन देने की घोषणा कर दिया और जमीन आबंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी। गायत्री परिवार को जमीन आबंटन करने के लिए शासन के आदेशानुसार 15 नवंबर को दोपहर धमतरी तहसीलदार तारसिंह खरे, नायब तहसीलदार कुणालसिंह सरवैय्या, आकांक्षा साहू समेत क्षेत्र के पटवारी व आरआई भानपुरी पहुंचे।

जब ग्रामीणों को गायत्री परिवार के लिए नगर पंचायत आमदी रोड पर ग्राम भानपुरी के जमीन को पटवारी व आरआई द्वारा नापने पहुंचे होने की जानकारी ग्रामीणों को हुई, तो ग्रामीण एकत्र हो गए। पांच एकड़ जमीन देने का विरोध शुरू हो गया। राजस्व अधिकारियों को जमीन नापने से मना किया, तो अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीणों के द्वारा भारी विरोध के बाद तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत राजस्व अधिकारियों को बिना जमीन नापे वापस आना पड़ा।

आबादी भूमि के लिए जमीन जरूरी

जमीन देने से विरोध करने पहुंचे ग्राम पंचायत भानपुरी के ग्रामीणों का कहना था कि दिनोंदिन गांव की आबादी बढ़ता जा रहा है। परिवार एक से दो हो रहे हैं। ग्रामीणों के रहने के लिए मकान व जमीन कम पड़ने लगा है, ऐसे में भविष्य को देखते हुए पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों को आबादी जमीन का वितरण करने की जरूरत पड़ेगी, ऐसे में इस जमीन को सुरक्षित रखने की मांग ग्रामीणों ने की है। गायत्री परिवार को यदि शासन ग्रामीणों के बिना सहमति प्रदान करते हैं, तो इसका जमकर विरोध किया जाएगा।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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