धमधा। धमधा के चतुर्भुजी स्थित लक्ष्‌मीनारायण मंदिर के पीछे विष्णु कुंड में प्राचीन शिलाखंड स्थापित किया गया। यह शिलाखंड पूर्व में तालाब किनारे ही था। इसकी लंबाई 10 फीट और परिधि चार फीट है। इसका वजन लगभग 650 किलो है। इसे तालाब के बीचोंबीच श्रमदान से खड़ा किया गया।

धर्मधाम गौरवगाथा समिति चतुर्भुजी के प्राचीन कुंड का पुर्ननिर्माण जनसहभागिता से करा रही है। इसमें तितुरघाट के ग्रामीणों के साथ हिंद एथलेटिक क्लब के युवा सहयोग कर रहे हैं। 15वीं सदी में शिवनाथ नदी के किनारे राजा दशवंत सिंह की मां ने लक्ष्‌मीनारायण मंदिर का निर्माण करवाया था।

लंबे समय से उपेक्षित रहने के कारण कुंड विलुप्त हो गया था। जिसे समिति ने बचाने का प्रयास शुरु किया है। पहले श्रमदान से झाड़ियों की सफाई की गई, फिर जेसीबी से 200 ट्रेक्टर मिट्टी निकाली गई।

अब तालाब के बीचो बीच 10 फीट के प्राचीन शिलाखंड की स्थापना की गई। इससे तालाब के जलस्तर का पता चलेगा। शिलाखंड को तालाब के भीतर ले जाना कठिन था, जिसे सब्बल, लकड़ी और पाइप की सहायता से ग्रामीणों ने श्रमदान से पूरा किया।

बसनी के धन्नाुलाल निषाद तथा दानीकोकड़ी के ईश्वरी निर्मल, तितुरघाट के ठाकुरराम सोनकर, घनश्याम सोनकर, रोशन निषाद, डोमार निषाद, शंकर सोनकर, दिलेश्वर सोनकर, पवन सोनकर, गणेश राम सोनकर, विष्णु सोनकर, रुपेश निषाद, परगनिहा निषाद, दाऊराम निषाद, तीरिथ निषाद, कमलेश निषाद, वीरेंद्र देवांगन, सामर्थ्य ताम्रकार, सरपंच लक्ष्‌मण सोनकर, खेमलाल वर्मा एवं लोकेश सोनकर का विशेष योगदान रहा।

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जन समस्या निवारण शिविर का बदला स्थल

दुर्ग। दुर्ग निगम सीमांतर्गत आज लगने वाले जन समस्या निवारण शिविर के स्थल में परिवर्तन किया गया है। सिंधी धर्मशाला में रखा गया था किंतु उक्त स्थल पर अन्य कार्यक्रम होने के कारण जन समस्या समाधान शिविर का स्थान परिवर्तन करते हुए 23 मई दिन वार्ड-23, 24, 25 और 26 के नागरिकों के लिए वार्ड-24 न्यू दीपक नगर बम्लेश्वरी गार्डन में रखा गया है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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