दुर्ग। यात्रियों के लिए बस का इंतजार कभी-कभी लंबा हो जाता है। स्कूली बच्चे भी बस के इंतजार में काफी देर तक सड़कों पर खड़े रहते हैं। इनको राहत देने के लिए नगर निगम ने हर वार्ड में बस स्टैंड बनाने की योजना तैयार की है। ये सारे बस स्टैंड बीओटी (बिल्ड आपरेट ट्रांसफर) के तहत बनाने हैं।

नगर निगम ने वार्ड-1 से लेकर 58 तक 100 बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव बनाया है। क्षेत्रफल में बड़े वार्डों में दो-दो सुविधाजनक बस स्टैंड बनाना है। इनका साइज भी फिक्स कर दिया गया है। निगम इन बस स्टैंड में अपना पैसा खर्च नहीं करेगी। बल्कि इसे बीओटी के माध्यम से बनाएगी। इसमें एक निजी कंपनी के साथ नगर निगम का अनुबंध होगा। कंपनी बस स्टैंड अपनी लागत से तैयार कराएगी। इसके बदले में वह बस स्टैंड में विज्ञापन लगाकर अपना मुनाफा कमाएगी। ये अनुबंध पांच साल का होगा।

कंपनियों ने नहीं दिखाई रुचि

पहली बार टेंडर 7 अक्टूबर 2014 को निकाला गया। लेकिन एक भी कंपनी ने टेंडर में भाग नहीं लिया। इसके बाद एक महीने के लिए दोबारा तारीख बढ़ाकर 14 नवंबर 2014 कर दी गई। लेकिन इसमें भी किसी ने रूचि नहीं दिखाई है।

भिलाई की तर्ज पर नहीं बने

भिलाई में स्कूली बच्चों और महिलाओं को बस के इंतजार के लिए कई वार्डों में बस स्टैंड बनाए गए थे। जिसमें एक बस स्टैंड में लागत से दोगुनी राशि लगभग 1.50 लाख रुपए खर्च किए गए थे। लेकिन ये एक साल भी नहीं चले। इस मामले को लेकर जांच भी हुई। हालांकि यहां बीओटी की तर्ज पर बस स्टैंड बनाने की तैयारी है। लेकिन कंपनियां रूचि नहीं दिखा रही हैं, तो प्रस्ताव के नियमों को बदलकर कहीं ठेकदारों के हाथों में काम नहीं सौंप दिया जाए?

बीओटी के माध्यम से बस स्टैंड बनाने की योजना है। टेंडर काल किए गए हैं।

एसके सुंदरानी, आयुक्त, नगर निगम, दु्‌र्ग

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