दुर्ग (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जनपद पंचायत सामान्य सभा की बैठक में रेडी-टू- ईट के तहत महिला स्व-सहायता समूह द्वारा वितरित किए जाने वाले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सदस्यों ने सवाल उठाया। सदस्यों का कहना था कि रेडी -टू -ईट के तहत समूह द्वारा बनाए जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। इस पर सामान्य सभा ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है।

जनपद पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक बुधवार को जनपद पंचायत सभागार में हुई। इसमें रेडी -टू -ईट की गुणवत्ता के मामले में सदस्यों ने चर्चा की। सदस्यों ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूह द्वारा सिरसा, पाउवारा, उतई, कोलिहापुरी, निकुम, रसमड़ा में रेडी -टू -ईट का निर्माण कर दुर्ग जनपद पंचायत क्षेत्र में वितरण किया जा रहा है। बैठक में इसकी गुणवत्ता जांचने समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। जांच में गुणवत्ता सही नहीं होना पाए जाने पर संबंधित समूह की महिलाओं से पैसे की भरपाई करवाई जाएगी। बैठक में सदस्यों ने गांव में लगे हैंडपंप का पानी पीने योग्य है अथवा नहीं इसकी जांच के संबंध में पीएचई के अधिकारी से जानकारी मांगी। इस पर अफसर ने बताया कि पानी की शुद्धता जांचने पंचायतों को किट दिया गया है। इस पर सदस्यों ने कहा कि पंचायत सचिव अथवा सरपंच को प्रशिक्षण दिया जाए ताकि किट के माध्यम से पानी की शुद्धता की जांच कर सके। बैठक में सदस्य रूपेश देखमुख ने निकुम स्कूल में मध्या- भोजन में बांटे गए सूखा राशन सामग्री की मात्रा कम होने का मामला उठाया। सदस्य ने बताया कि निरीक्षण में पहुंचने के दौरान उसने यह मामला पकड़ा था। बाद में प्रधानपाठक ने कम मात्रा की भरपाई कर दी। इस मामले में जनपद ने उक्त प्रधानपाठक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। बैठक में जनपद पंचायत दुर्ग के अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख,उपाध्यक्ष झमित गायकवाड़ सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

(बाक्स)

मच्छरदानी खरीदी की हो जांच

बैठक में सदस्यों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाए गए सैप्टिक टैंक से मच्छर फैल रहे हैं। इस पर दुर्ग जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायत को मच्छर दानी खरीदी के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए हैं। दुर्ग जनपद पंचायत क्षेत्र में 72 ग्राम पंचायत हैं। उक्त योजना के तहत मच्छरदानी खरीदी के लिए सात लाख 20 हजार रुपये प्रदान किया गया है। सदस्यों का कहना था कि सैप्टिक टैंक में लगाई गई मच्छरदानी को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि खरीदी में इतनी राशि व्यय नहीं हुई होगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिकतम पांच से छह हजार रुपये ही खर्च हुआ होगा। बैठक में इस मामले की भी जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया।

(बाक्स)

पेड़ काटकर कहां ले जा रहे हैं

बैठक में पुलगांव अंजोरा मार्ग पर हो रही पेड़ कटाई का मामला भी उठा। जनपद पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख ने बताया कि काटे गए पेड़ों को कहां ले जाया जा रहा है इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी मांगी गई। इस पर अफसरों ने बताया कि पेड़ काटकर वन विभाग के डिपो में रखा जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि करीब 11 सौ पेड़ों की कटाई की जा रही है। सदस्यों ने काटे गए पेड़ों की नीलामी के संबंध में भी जानकारी मांगी।

---------------

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस