दुर्ग (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दो साल पहले भाजपा शासनकाल में दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम के उन्नायन का प्रस्ताव तैयार किया गया था। उस दौरान करीब 97 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था। अब इसके उन्नायन के लिए 99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बुधवार को कलेक्टर ने रविशंकर स्टेडियम का निरीक्षण किया।

दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम का उन्नायन होना है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांकरा में हार्टिकल्चर यूनिवर्सिटी के भूमिपूजन के अवसर पर घोषणा की थी। इसके लिए बजट प्रपोजल हेतु प्रस्ताव भेज दिया गया है। बुधवार को कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने स्टेडियम का अवलोकन किया। भेजे गए प्रपोजल के साथ रिनोवेशन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं के संबंध में ईईपीडब्ल्यूडी अशोक श्रीवास से चर्चा की। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि लगभग 99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें आउटडोर गेम्स के साथ ही इंडोर गेम्स से संबंधित एक्टिविटी भी हो पाएंगी। कलेक्टर ने पूरे परिसर में प्रस्तावित प्रोजेक्ट में एंट्री प्वाइंट से एक्सिट प्वाइंट से लेकर खेल गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और यहां खिलाड़ियों से भी चर्चा की। यहां खिलाड़ियों के अतिरिक्त सेना एवं पुलिस में भर्ती के लिए प्रैक्टिस कर रहे युवा भी शामिल थे। उन्होंने लेडीज टायलेट की सुविधा के बारे में कहा। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को इस संबंध में निर्देश दिये।

कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप स्टेडियम की अधोसंरचना को अपग्रेड करने प्रस्ताव भेज दिया गया है। इसके रिनोवेशन से खेल गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए फीडबैक देते रहिये। जिला प्रशासन इसके अनुरूप कार्य करेगा। इस दौरान रविशंकर स्टेडियम में होने वाले महत्वपूर्ण खेलों के संबंध में चर्चा भी हुई। ईईपीडब्ल्यूडी ने चर्चा के दौरान कलेक्टर को बताया कि वे इस स्टेडियम में मैच देखने स्कूलिंग के दौरान बालाघाट से आये थे। उस समय 1983 की वर्ल्ड कप विजेता टीम यहां प्रदर्शन मैच के लिए आई थी। इसमें कपिल देव को छोड़कर टीम के सारे खिलाड़ी मौजूद थे। यह घटना बहुत यादगार रही। संयोग है कि श्रीवास ही अब इस स्टेडियम के निर्माण की मानिटरिंग करेंगे।

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पहले 45 करोड़ रुपये का था प्रोजेक्ट

रविशंकर स्टेडियम का जीर्णोद्धार के लिए भाजपा शासन काल में सबसे पहले पहल राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडेय ने की थी। इसके लिए पहले 45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। बाद में स्टेडियम का विस्तार करने इसके निकट निर्मित नगर चौपाटी को समाहित कर संशोधित प्रस्ताव तैयार करने कहा गया था। बाद में करीब 97 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया। स्टेडियम को डिस्टमेंटल करने भाजपा शासन काल में 45 लाख रुपये मिले थे। वहीं स्टेडियम का प्रारंभिक निर्माण कार्य प्रारंभ करने डीएमएफ मद से नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली थी। लेकिन इस बीच सरकार बदल गई। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी रविशंकर स्टेडियम का उन्नायन किए जाने की घोषणा की थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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