दुर्ग। 10 वीं,12 वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे में बेटियों में फिर बाजी मारी है। शनिवार को बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित किए गए। जिले में 10 वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम 68.80 और 12 वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम 78.46 फीसद रहा। 10 वीं बोर्ड में जिले के दो और बारहवीं बोर्ड में एक विद्यार्थी ने टाप टेन में जगह बनाई है। इस तरह टाप टेन में सिर्फ तीन विद्यार्थियों को ही स्थान मिल पाया है।

कोरोना काल में दसवीं, बारहवीं बोर्ड की परीक्षा दो साल बाद आफलाइन हुई थी। जिसका परिणाम शनिवार को घोषित किया गया। 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में नियमित और स्वाध्यायी को मिलाकर कुल 18903 परीक्षार्थी बैठे थे जिसमें से 13006 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में 5479 छात्र और 7572 छात्राएं शामिल हैं। उत्तीर्ण छात्राओं का प्रतिशत 75.28 और छात्रों का 61.52 रहा। वहीं 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में ( सभी संकाय शामिल) कुल 15634 परीक्षार्थी शामिल हुए जिसमें से 12265 को उत्तीर्ण घोषित किया गया। 12 वीं का परिणाम 78.46 फीसद रहा। 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में 82.05 फीसद छात्राएं और 73.74 फीसद छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में 1312 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं।

मेरिट सूची में जिले के तीन विद्यार्थी शामिल

10 वीं व 12 वीं की मेरिट लिस्ट में जिले के तीन विद्यार्थी ही टाप टेन में अपनी जगह बना पाए हैं। 10 वीं बोर्ड में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सेमरिया में पढ़ने वाले कुलदीप चतुर्वेदी को आठवां स्थान मिला है। वे दसवीं बोर्ड की परीक्षा में जिले का टापर है। मानसरोवर हायर सेकेंडरी स्कूल जंजगिरी के युगांत कुमार साहू को 10 वें स्थान पर रहे। 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में पाटन के आर्यवर्त हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले अमन कश्यप ने 10 वां स्थान हासिल किया है। तीनों ही बधाों ने कोचिंग नहीं की। इन सभी बधाों को जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने सम्मानित भी किया।

इन होनहार बच्चों ने भी बढ़ाया ट्विनसिटी का मान

कोरोना से प्रभावित शैक्षणिक सत्र में बधाों ने बोर्ड की परीक्षा में बेहतर प्रतिभा दिखाई। शकुन्तला विद्यालय के कक्षा बारहवीं के छात्र प्रणय पाण्डेय ने 94 प्रतिशत के साथ जिला स्तर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य की प्राणीण्य सूची में वे मात्र एक अंक से चूक गए। शकुन्तला विद्यालय क्रमांक दो रामनगर के छात्र मोहित चौधरी 93, सौरभ कुमार साहू 92.2, यशस्वी प्रसाद सिन्हा 91.4, सानिया अंजुम 91.4, रूपेश साहू 90.8, यासमिन परवीन एवं विकास नायक 90 फीसद अंक हासिल किया। इसके अलावा कक्षा दसवीं में इसी स्कूल से एस. स्नेहा ने 94.3 फीसद, अनुराग भारती 92 फीसद, बाबी पाटिल 91.3, सरिता शर्मा 90.8 फीसद अंक पाया। शकुन्तला ग्रुप आफ स्कूल्स डायरेक्टर संजय ओझा, प्राचार्य आरती मेहरा ने इन बधाों के प्रदर्शन को सराहा और उन्हें प्रोत्साहित किया।

अमन का सपना, बनेगा इंजीनियरिंग

नियमित योगासन करते हैं अमन : पाटन के चंगोरी निवासी अमन के पिता महेंद्र ने बताया कि गांव में बधाों का समूह है जो प्रतिदिन योगा करते हैं। इस समूह का हिस्सा अमन भी हैं। वह सेहत और फिटनेस के प्रति सजग है। अमन प्रतिदिन लक्ष्य तय कर पांच से छह घंटे पढ़ाई करता था। ट्यूशन न लकेर उसने घर पर ही अध्ययन किया। पालकों व शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। अमन एरोनाटिकल्स के क्षेत्र में बढ़ना चाहता है। अमन ने बताया कि जेईई के आधार पर कालेज अलाट होगा परंतु प्राथमिकता बेंगलुरु के संस्थान से एरोनाटिकल्स में इंजीनियरिंग करने की है। अमन के पिता महेंद्र कश्यप पेशे से किसान है किंतु इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमाधारी होने के कारण अमन का मार्गदर्शन करते रहे। अमन की मां अनिता कश्यप कामर्स में स्नातक है और गृहणी होने के साथ कोरोना काल में बेटे को रिवीजन कराती रहीं है। अमन की छोटी बहन अंजनी कश्यप दसवीं में 94 फीसद अंक के साथ उत्तीर्ण हुईं हैं।

परिवार का दीपक बना कुलदीप

कुलदीप ने बताया कि वह रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करता है। एक विषय की पढ़ाई करने के बाद दूसरे विषय की पढ़ाई शुरू करने से पहले पांच से दस मिनट का ब्रेक लेता है। स्कूल से मिले होमवर्क को भी नियमित रूप से पूरा करता है। उसने कभी ट्यूशन नहीं किया। कुलदीप का एक छोटा भाई है जो कक्षा छठवीं में पढ़ता है। बड़ी बहन की शादी हो गई है। कुलदीप ने बताया कि वह ग्यारहवीं में गणित विषय लेकर आगे की पढ़ाई करेगा। वह साफ्ट वेयर इंजीनियर बनना चाहता है। पिता की इच्छा थी कि बेटा पढ़कर बहुत आगे जाए। कुलदीप ने बताया कि आगे की पढाई वह अपने गांव में ही रहकर करेगा। कुलदीप के पिता भारत राम चतुर्वेदी किसानी करते थे। पिछले साल कोरोना में उनका निधन हो गया। माता गंगोत्री बाई चतुर्वेदी गृहणी है। कुलदीप ने बताया कि कोरोना काल के दौरान वह घर पर ही रह कर नियमित पढ़ाई करता रहा क्योंकि आफलाइन पढ़ाई नहीं हो रही थी। किसी भी विषय में कठिनाई आने पर वह स्कूल के शिक्षकों से पूछ लेता था। कुलदीप को डांस का भी शौक है।

युगांत का लक्ष्य अंतरिक्ष विज्ञानी

युगांत शुरू से ही मेधावी रहा है। दो भाइयों में वह छोटा है। बड़ा भाई प्रखर इंजीनियरिंग के चौथे सेमेस्टर में है। युगांत को नोट्स तैयार करने में उसके भाई ने भी मदद की। युगांत अवकाश के दिनों में आठ से 10 घंटे एवं स्कूल के दिनों में चार से पांच घंटे तक नियमित पढ़ाई करता रहा। स्कूल के प्राचार्य पवन साहू व अन्य शिक्षकों से भी मदद मिली।

युगांत कुमार का सपना है कि वह अंतरिक्ष विज्ञानी बनकर देश की सेवा करे और अपने गांव व प्रदेश का नाम रोशन करे। वर्तमान में वह जेईई की भी तैयारी में लग गया है। उसे उम्मीद है कि इसमें उसे सफलता मिलेगी। युगांत के पिता नरेश कुमार साहू निजी स्कूल में शिक्षक हैं वहीं माता शकुंतला साहू सरोरा शासकीय हाई स्कूल में संस्कृत की शिक्षिका हैं। युगांत ने बताया कि कोरोना काल के दौरान वह घर पर ही रह कर नियमित पढ़ाई करता रहा इस दौरान उसे कंटेंट सहित अन्य पाठ्य सामाग्री स्कूल के शिक्षकों सहित पालकों से भी उपलब्ध होते रही। वह पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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