दुर्ग। बीएसएनएल को एमटीएनएल में विलय करने का विरोध मंगलवार को फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियंस के बैनर तले अधिकारियों-कर्मचारियों ने एक साथ धरना देकर किया। घाटे की एमटीएनएल में बीएसएनएल को शामिल नहीं किए जाने के लिए लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का विलय करने का निर्णय केन्द्र सरकार द्वारा लिया जा रहा है। इसके विरोध में आज दुर्ग बीएसएनएल कार्यालय के सामने फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियंस के द्वारा धरना देकर किया गया। बीएसएनएल इम्प्लाइज यूनियन के परिमंडल सचिव आरएस भट्ट ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा निजी ऑपरेटर्स को ब़ ढावा देने के लिएबीएसएनएल को एमटीएनएल में विलय किया जा रहा है जो गलत है। हमारे द्वारा आज से इसका विरोध पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इसके तहत हमारी सिर्फ एक ही मांग है कि घाटे की एमटीएनएल में बीएसएनएल को क्यों शामिल किया जा रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि पहले से ही बीमार एमटीएनएल में बीएसएनएल के शामिल होने से दिक्कतें और ब़ ढेंगी। हमारी सरकार से मांग है कि बीएसएनएल की सेवाओं को बेहतर किया जाए ताकि हमारी सेवाओं से जु़ डे उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।

बंद करने का षडयंत्र

आरएस भट्ट ने बताया कि जीएसएम लाइन के लिए45 हजार इक्यूपमेंट मंगाए गए थे। इन्हें चीन से लाया जाना है। केन्द्र सरकार द्वारा सुरक्षा को खतरा बताकर इसे लाने से मना कर दिया गया। जबकि निजी टेलीफोन ऑपरेटरों के द्वारा इन इक्यूपमेंटों को विदेशों से ही मंगवाया जा रहा है।

आज छुट्टी लेकर धरने पर बैठेंगे

बीएसएनएल के विलय के खिलाफ बुधवार को सीएल लेकर धरने पर कर्मचारियों ने बैठने का निर्णय लिया है। इनमें चौव्वा राम वानखे़ डे, आरडी साहू, एएम मेश्राम, केके नाग, केपी सोनी, जिलाजीत पाण्डेय, किशोर भोस्कर, रफीक अहमद, महेश उइके, राजेन्द्र यादव, जीआर पराते, बीआर साहू आदि शामिल हैं।

उपभोक्ताओं को नहीं होगी तकलीफ

यूनियन नेता आरएस भट्ट ने बताया कि हमारे द्वारा जारी आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कतें नहीं होंगी। हमने इसमें विभाग के मात्र30 प्रतिशत कर्मचारी-अधिकारियों को ही जो़ डा है। बीएसएनएल की सेवाएं प्रभावित न हो इसलिए भोजनावकाश के दौरान ही प्रदर्शन कर नारेबाजी की जा रही है।