पाटन। नईदुनिया न्यूज

पोषण अभियान के तहत नवजात का वजन कर आयु अनुसार उसका विवरण निकालते हुए पोषण की जानकारी देने आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजन किया जा रहा है। इसमें बताया गया कि छह माह तक शिशुओं नियमित स्तन पान कराने से बधाों को सभी पौषक तत्व व आवश्यक विटामिन की प्राप्ति होती है।

पाटन में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक सैय्यद असलम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तृप्ति यदु, जमुना वर्मा, नैन बाई कुंभकार, तामेश्वरी टंडन, एएनएम नीना चक्रवर्ती, मितानिन डेरहीन यादव, कुमुद ठाकुर सहायिका सतरूपा ठाकुर, निर्मला चंदाकर उपस्थित थी। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक सैय्यद असलम ने बताया कि छःमाह तक शिशुओं नियमित स्तन पान कराने से बधाों को मां के दूध में सभी पौषक तत्व व आवश्यक विटामिन की प्राप्ति होती हैं। गर्भवती माताओं को चाहिए कि वे नियमित हरी साग सब्जियों का सेवन करें। नियमित जाचं कराएं। खून की कमी से एनिमीया होती है जो माता को कुपोषित करता है। साथ ही होने वाला बधाा भी कुपोषित होगा इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों मे मिलने वाला रेडी टू ईट आहार हर गर्भवती माता को उपयोग करना चाहिए।