दुर्ग। नईदुनिया प्रतिनिधि

शिवपारा वार्ड में निगम द्वारा पीएम आवास निर्माण का काम शुरू करने से पहले बांधा तालाब के पानी को बहा दिया गया। यह पानी आसपास के दो दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में भर गया। इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। पीड़ित किसानों ने सोमवार को जिस स्थान को फोड़कर पानी बहाया जा रहा था उसे रेत की बोरियां डाल बंद कर दिया।

नगर निगम द्वारा वार्ड क्रमांक-34 शिवपारा में बांधा तालाब को निकट पीएम आवास योजना के अंतर्गत करीब छह सौ से अधिक मकान का निर्माण किया जाना है। इसके लिए निगम ने स्थल चयन उपरांत काम शुरू कर दिया गया है। निर्माणाधीन स्थल दलदली जमीन है इस वजह से इसका समतलीकरण भी किया जा रहा है। वहीं निगम प्रशासन द्वारा बांधा तालाब के पानी को खाली कराया जा रहा है। पानी खाली कराने के लिए निगम ने निकासी नाला के पार को फोड़ दिया है। लेकिन पानी नाला आगे ब्लाक के होने के कारण किसानों के खेत में जाकर भर रहा है। इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। पार्षद कुलेश्वर साहू ने बताया कि तालाब का पानी सीधे शिवनाथ नदी में जाकर मिलना है लेकिन निगम ने आऊटलेट की दीवाल को फोड़ दिया और किसानों के इसके बारे में बताया भी नहीं। नाला को लोगों ने बीच में ब्लाक का रख है इस कारण पानी बहकर नदी में जाने के बजाए किसानों के खेत में भर गया।

रेत की बोरियों से बांधा

पार्षद कुलेश्वर साहू ने बताया कि आसपास करीब दो दर्जन से अधिक किसानों का खेत हैं। जहां तालाब का पानी भर गया है। उन्होंने बताया कि वस्तु स्थिति की जानकारी निगम को देने के बाद सोमवार को किसानों के साथ मिलकर नाला के जिस हिस्से को निकासी के लिए फोड़ा गया था उसे रेत से भरी बोरियां डालकर बंद किया गया है।

किसानों ने कहा

नाला का मुहाना बंद करने पहुंचे किसान हरीराम ने कहा कि बांधा तालाब का पानी उनके सहित अन्य किसानों के खेत में भर गया। इस कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान देवदास, रमेश का कहना है कि पानी बहाने से पहले निगम ने किसानों को सूचना देना भी जरूरी नहीं समझा। पानी भरने से फसल को जो नुकसान पहुंचा है उसका जिम्मेदार कौन रहेगा। किसान बिरजू ने भी निगम की इस कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।

नुकसान के लिए जिम्मेदार कौन

पीएम आवास निर्माण के लिए बांधा तालाब का पानी नाला की दीवाल को फोड़कर बहा दिया गया। नाला आगे ब्लाक होने के कारण पानी किसानों के खेतों में भर गया। सूचना के बाद निगम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया इस कारण फसल को और नुकसान होने से बचाने किसानों ने रेत की बोरियां डालकर पानी को रोका है। किसानों को हुए नुकसान के लिए निगम प्रशासन को जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए।

-कुलेश्वर साहू पार्षद, वार्ड क्रमांक-35 बांधा तालाब दुर्ग

Posted By: Nai Dunia News Network