भिलाइ। महंगाई ने आम आदमी को बेदम कर रखा है। खाद्य सामग्रियों पर जीएसटी लागू होने के बाद हालत और बिगड़े हैं। खाद्य सामाग्रियों के लगातार बढ़ते दाम के चलते हर घर का बजट बिगड़ चुका है। इसका इसका असर घरों के साथ ही होटलों में भी देखा जा रहा है। बीते कुछ महीनों में महंगाई 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ी है। इसके कम होने का असार भी नजर नहीं आ रहा है।

भिलाई दुर्ग में लोकल ब्रांड का पांच किलो का आटा 150 रुपये में मिल रहा था। उसका मूल्य बढ़कर 175 रुपये हो गया है। चावल और गेंहू में पांच पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा अरहर दाल, मूंग दाल व मसूर दाल के दाम भी 10 रुपये तक महंगे हो गए। थोक अनाज व्यापारी प्रदीप खंडेलवाल बताते हैं कि अनाज में पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने की वजह से खाद्य सामाग्रियों के दाम बढ़े हैं। जीएसटी की वजह से गेंहू और चावल में पांच पांच रुपये तथा दाल में दस रुपये की वृद्धि हुई है। इसकी वजह से लोगों की रसोई का बजट बढ़ गया है। पहले जो राशन चार हजार तक आ जाता था, वह बढ़कर छह रुपये हो गया है।

थोक व्यापारी पीतांबर सोनी कहते हैं कि आटा के दाम गेंहू के दाम बढ़ने व खाद्य सामान में जीएसटी लगने से बढ़े हैं। कच्चा माल के दाम में इजाफे के कारण एफएमसीजी गुड्स के दाम में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पैकेजिंग में बदलाव के कारण भी दाम बढ़े हैं।

रसोई के सामानों में दिनोंदिन वृद्धि देखने को मिल रही है। गरीब परिवार के लिए दाल खाना मुश्किल हो गया है।

एक आंकड़ा- डिपार्टमेंट आफ प्रमोशन आफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड के आंकड़ों के अनुसार थोक महंगाई दर में थोड़ी कमी आई है। इससे पहले जून महीने में थोक महंगाई 15.18 प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार मई में थोक महंगाई दर 15.88 प्रतिशत थी। वहीं अप्रैल में थोक महंगाई दर 15.08 प्रतिशत, मार्च में 14.55 प्रतिशत, फरवरी में 13.11 प्रतिशत, जनवरी में 12.96 प्रतिशत, दिसंबर 2021 में 13.56 प्रतिशत और नवंबर में 14.87 प्रतिशत थी। जुलाई माह में खाद्य महंगाई दर घटकर 10.77 प्रतिशत पर आ गई, जो जून में 14.39 प्रतिशत पर थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close