दुर्ग। दुर्ग शहर की दुर्दशा को लेकर निगम घेराव के दौरान राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय द्वारा दुर्ग विधायक अरुण वोरा को लेकर दिए गए बयान को लेकर शहर में चर्चा है।

इस बयान से विधायक के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं विधायक का कहना है कि अपने घर में कोई किसी को घुसने से कैसे रोक सकता है।

उल्लेखनीय है कि एक जून को दुर्ग शहर भाजपा द्वारा राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय के नेतृत्व में निगम घेराव किया गया था। इस दौरान बहुुउद्देशीय स्कूल स्थित मैदान में एक सभा का आयोजन किया गया था। सभा के दौरान राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय ने कहा था कि दुर्ग विधायक को शहर के वार्डों में घुसने नहीं देंगे।

राज्यसभा सदस्य के इस बयान को लेकर वोरा समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। समर्थकों का कहना है कि विधायक वोरा के नेतृत्व में शहर में विकास कार्य हो रहे हैं इससे भाजपाई तिलमिला गए हैं। वहीं इस मामले को लेकर दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने कहा है कि अपने घर में कोई किसी को घुसने से कैसे रोक सकता है।

उन्होंने कहा है कि पिछले छह दशकों से हमारा परिवार का शहरवासियों के साथ राजनीतिक नहीं परिवारिक संबंध है। मैं जब तक जीवित हूं इस संबंध को बनाए रखूंगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस 20 साल बाद दुर्ग निगम की सत्ता में वापस लौटी है।

भाजपा के एक गुट में शक्ति प्रदर्शन की चर्चा

वहीं भाजपा में एक गुट द्वारा राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन को लेकर एक तरह का शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है। दरअसल प्रदर्शन के कुछ ही दिन पहले प्रदेश भाजपा संगठन द्वारा जिला भाजपा दुर्ग में नए अध्यक्ष की सीधे नियुक्ति की गई थी। इस बार संगठन ने नियुक्ति के संबंध में स्थानीय नेताओं से नहीं पूछा।

भाजपा के एक गुट का कहना है कि जिला संगठन में लंबे समय से सरोज समर्थक ही अध्यक्ष बनते रहे हैं। लेकिन इस बार ऐंसा नहीं हुआ।

इसलिए आनन फानन में निगम घेराव के बहाने पार्टी संगठन को ही ताकत दिखाने की योजना बनाई गई। गुट के लोगों का यह भी कहना है कि ढाई साल में निगम के खिलाफ पार्टी की ओर से कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया गया फिर एकाएक हुए प्रदर्शन के और क्या मायने निकाला जाए।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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