दुर्ग (ब्यूरो)। आलू-प्याज की लगातार ब़ ढ रही कीमतों को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। शनिवार को कलेक्टर कान्फ्र ेस में मुख्यमंत्री ने आलू और प्याज की कीमतों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए है। उन्होने कहा है कि कोल्ड स्टोरेज और गोदाम में रखे आलू-प्याज के स्टाक का सत्यापन कराया जाए। इसकी कीमतें न ब़ ढे इसे ध्यान में रखते हुए जमाखोरी पर कार्रवाई के निर्देश दिए है।

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने वीसी के माध्यम से कलेक्टर कान्फ्र ेस लिया। उन्होने कलेक्टर से वर्षा के स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश नहीं होने की सूरत में बोनी पिछ़ ड जाएगी इससे निपटने किस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इस पर अफसरों ने जानकारी दी कि शुक्र वार रात से बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है। बोनी पिछ़ डने की संभावना कम है यदि पिछ़ ड जाती है तो कम समय में पकने वाली धान की फसल लेने पर जोर दिया जाएगा। आलू-प्याज के बढ़ती कीमतों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई है। वर्तमान में आलू 22 रुपए और प्याज 27 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि आलू-प्याज के दाम और न ब़ ढे इसलिए इस पर नजर रखी जाए। उन्होने कोल्ड स्टोरेज और गोदाम में आलू-प्याज के स्टाक का सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए साथ ही जमाखोरी पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने पेट्रोल डीजल की किल्लत,राशन कार्ड सत्यापन की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। वीडियो कान्फ्र ेसिंग में कलेक्टर ीमती आर.शंगीता, अपर कलेक्टर के.के. अग्र वाल, खाद्य नियंत्रक तरुण राठौर,कृषि अधिकारी आर.एल.खरे सहित अन्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

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जांच के बाद करें सोयबीन बीज का वितरण

ंमुख्यमंत्री डॉ.रमनसिंह ने खरीफ फसल के खाद बीज भंडारण के बारे में भी जानकारी ली। उन्होने कहा कि सोयाबीन बीज का वितरण करने से पहले इसकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। गुणवत्ता मानक के अनुरुप होने पर ही इसका वितरण किया जाए। उन्होने कहा कि किसानों को खाद बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी समितियों में इसका पर्याप्त मात्रा में भंडारण करवा लिया जाए।

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जलभराव की ली जानकारी

वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिले के जलाशयों में जल भराव के स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। जलसंसाधन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री को जल भराव की वर्तमान स्थिति से अवगत करवाया गया।अधिकारियों ने यह भी बताया कि अवर्षा की सूरत में जलाशयों के पानी को पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। वर्तमान में कृषि कार्यों के लिए पानी नहीं दिया जा सकता।

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