दुर्ग (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सन 2023 में होने वाले चुनाव में दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का प्रत्याशी कौन होगा ? इसे लेकर राजनीति गलियारे में चर्चा शुरू हो गई है। लगातार दो विधानसभा चुनाव में मिली पराजय के बाद भाजपा इस सीट से चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को ही मैदान में उतारने की कवायद कर रही है। इस कड़ी में राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय का नाम सामने आ रहा है। यदि वे चुनाव नहीं लड़ती हैं तो प्रत्याशी कौन होगा इसे भी लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। हेमचंद यादव के बाद कोई भी दुर्ग से भाजपा का परचम नहीं लहरा पाया है।

वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस व भाजपा ने चुनाव को लेकर अंदरखाने से तैयारी भी शुरू कर दी है। दुर्ग जिले की प्रतिष्ठित सीट दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को लगातार दो चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा है। वैसे तो इस सीट की तासीर कांग्रेसी ही रही है। लेकिन वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हेमचंद यादव ने इस सीट पर सेंध लगाई थी। हेमचंद यादव इस सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए वे दो बार केबिनेट मंत्री भी रहे। लेकिन वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से यह सीट छीन ली। कांग्रेस के अरुण वोरा यहां से दूसरी बार विधायक चुने गए। हेमचंद यादव का निधन होने की वजह से वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अरुण वोरा के मुकाबले दुर्ग निगम के तत्कालीन महापौर चंद्रिका चंद्राकर को मैदान में उतारा था। लेकिन इस चुनाव में भाजपा को फिर पराजय मिली और कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के जीत का अंतर बढ़ गया।

दूसरी पंक्ति से कद्दावर नेता नहीं

वर्तमान समय में दुर्ग जिला भाजपा में दूसरी पंक्ति का कोई कद्दावर नेता नजर नहीं आ रहा है । जिसे आगामी विस चुनाव में दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में आजमाया जा सके। इस लिहाज से राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय की दावेदारी स्वाभाविक रूप से मानी जा रही है। इसका एक कारण दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता को भी बताया जा रहा है। राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय के नेतृत्व में पहली बार भाजपाइयों ने दुर्ग निगम के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में निगम के 60 वार्ड शामिल हैं। वे लगातार दो बार दुर्ग निगम का महापौर रह चुकी है। वे शहर की तासीर से भी भलीभांति परिचित हैं। दुर्ग महापौर रहते हुए वे वैशालीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी चुनी गई है। वे एक साथ तीन निर्वाचित पदों पर रह चुकी हैं। जिला भाजपा संगठन में उनकी पकड़ भी मजबूत है। यदि सरोज पांडेय चुनाव लड़ने से मना करती हैं तो भाजपा से अगला प्रत्याशी कौन हो सकता है इसे लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा शुरू हो गई है। लकिन अब तक ऐसा कोई नाम खुलकर सामने नहीं आ रहा है जो वर्ष 2023 के चुनाव में कांग्रेस को सीधी चुनौती दे सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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