दुर्ग । जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में 12173 प्रकरणों का निराकरण हुआ। छह न्यायालय में वर्चुअल माध्यम से प्रकरण निराकृत हुए। प्रकरणों के निराकरण में समझौता शुल्क के रूप में छह करोड़ 52 लाख 98 हजार 193 रुपये प्राप्त हुए। वहीं वर्चुअल माध्यम से मोबाइल का उपयोग कर पांच प्रकरणों का निराकरण किया गया।

जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग संजय कुमार जायसवाल के निर्देशन में जिला न्यायालय दुर्ग, व्यवहार न्यायालय भिलाई-तीन एवं व्यवहार न्यायालय पाटन तथा किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवा, दुर्ग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार जायसवाल ने किया। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता संघ दुर्ग के अध्यक्ष नीता जैन, सचिव रविशंकर सहित अन्य पदाधिकारी, अधिवक्तागण उपस्थित रहें।

नागपुर में इलाज के लिए भर्ती है प्रार्थिया

मारपीट के एक प्रकरण जो वर्ष 2015 में न्यायालय में लंबित था। लोक अदालत में वीसी के माध्यम से समझौता करवाकर पटाक्षेप किया गया। प्रकरण में प्रार्थी एवं आरोपित के मध्य दुर्गा पूजना के विसर्जन के समय नाच, गाने को लेकर हुए विवाद पर थाना मोहन नगर में दर्ज अपराध में है। प्रकरण में प्रार्थी विडियों कान्फेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुआ तथा आरोपित से समझौता किए जाने में सहमति प्रदान की। मारपीट का एक अन्य प्रकरण जो थाना भिलाई भट्ठी में है उसमें प्रार्थिया उपचार के लिए नागपुर में भर्ती थी। जिससे मोबाइल के माध्मय से संपर्क कर राजीनामा कराया गया। दुर्ग थाना में दर्ज पति पत्नी के बीच पारिवारिक मामले के एक प्रकरण का भी लोक अदालत में निराकरण किया गया।

15 लाख रुपये मिलेगा मुआवजा राशि

लोक अदालत के लिए गठित खंडपीठ क्रमांक-चार में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण लंबित था। जिसमें मोटर सायकल एवं हाइवा ट्रक से ट-र से थाना पुलगांव में दर्ज एक्सीडेंट प्रकरण के संबंध में मृतक के स्वजनों के द्वारा न्यायालय मे दावा प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। लोक अदालत में समझाइश दिए जाने एवं समझौता हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के द्वारा पक्षकारों को प्रेरित किए जाने पर यूनाइटेड इंडिया इश्योंरेंस कंपनी के द्वारा मृतक के स्वजनों को मुआवजा राशि 15 लाख 50 हजार रुपये दिए जाने में सहमति देते हुए प्रकरण को राजीनामा के आधार पर समाप्त किया।

इन प्रकरणों का हुआ निराकरण

नेशनल लोक अदालत में कुल 1891 न्यायालयीन प्रकरण, 93 प्रीलिटिगेशन प्रकरण एवं राजस्व से संबंधित 10186 प्रकरण निराकृत हुए। जिसमें कुल समझौता राशि 6,52,98,193 रुपये प्राप्त हुआ । निराकृत हुए न्यायालयीन प्रकरण में 467 दांडिक, नौ विद्युत के प्रकरण , क्लेम के 33 प्रकरण , 102 पारिवारिक मामले, 176 चेक अनादरण मामले, 29 व्यवहार वाद मामले , 43 प्रकरण श्रम न्यायालय के प्रकरण, 152 प्रकरण स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवा एवं 167 अन्य प्रकरणों का निराकरण किया गया।

48 हजार रुपये न्याय शुल्क की होगी वापसी

नेशनल लोक अदालत में अष्ठम अपर जिला न्यायाधीश दुर्ग के न्यायालय में लंबित व्यवहार वाद प्रकरण क्रमांक. 74 बी/2011 में 4,00,191 रुपये के लिए प्रस्तुत वाद में वादी पक्ष भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा अनावेदक पक्ष से राजीनामा कर प्रकरण को लोक अदालत में समाप्त किया । यह न्यायालय प्रकरण 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित था इस प्रकरण में 48048 रुपये न्याय शुल्क चस्पा किया गया था जो वादी पक्ष को लोक अदालत में प्रकरण समाप्त होने से वापस प्राप्त होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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