दुर्ग। वेयर हाउस में पीडीएस के लोडिंग-अनलोडिंग को लेकर नए ठेकेदार और पुराने हमालों के बीच जारी विवाद का पटाक्षेप नहीं हो पाया। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक हुई लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद वेयर हाउस के सामने धरना पर बैठे हमालों ने हंगामा कर दिया। वहीं विवाद का असर सरकारी राशन दुकानों में खाद्यान्न की सप्लाई पर पड़ रहा है। त्यौहारी सीजन में शहरी क्षेत्र के करीब 350 राशन दुकानों में अब तक खाद्यान्न की सप्लाई नहीं हो पाई है।

वेयर हाउस में पीडीएस के लोडिंग-अनलोडिंग का ठेका नए ठेकेदार को दिया गया है। ठेकेदार वेयर हाउस में काम करने वाले पुराने हमालों के बजाए अपने हमालों से काम लेने की बात कह रहा है। वहीं वेयर हाउस में सालों से काम कर रहे पुराने हमाल नए हमालों से काम कराए जाने का विरोध कर रहे हैं। इसके चलते पिछले पांच दिन से विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस बीच प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद टालने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े हुए हैं।

शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की फिर बैठक हुई। इस बैठक में श्रमिक प्रतिनिधियों को चर्चा करने के बुलाया गया। श्रमिकों के प्रतिनिधि के रूप में छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के संयोजक राजकुमार गुप्त, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के कलादास डहरिया, युवा स्वाभिमान मंच के पूरन साहू, कामता जायसवाल और देवलाल वर्मा तथा शासन प्रशासन की ओर से एसडीएम मुकेश रावटे, तहसीलदार प्रकाश सोनी, खाद्य नियंत्रक सीपी दीपांकर, नान के डीएम के अलावा पुलिस के अधिकारी शामिल थे।

हंगामा के लिए अधिकारी जिम्मेदार

श्रमिक प्रतिनिधियों के मुताबिक चर्चा में इस बात की सहमति बनी कि पीडीएस का काम पुराने मजदूरों से ही कराया जायेगा और बाकी चिल्हर काम पूर्व की भांति ही चलती रहेगी। इसकी घोषणा स्वयं एसडीएम ने आंदोलनरत मजदूरों के समक्ष किया। शासन-प्रशासन पर भरोसा करके श्रमिकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और पीडीएस के लोडिंग अनलोडिंग के काम को तत्काल शुरू भी कर दिया। इसके बाद राजकुमार गुप्त और कलादास आदि चले गए।

लगभग एक घंटे के अंदर ही शासन प्रशासन ने आपसी सहमति का उल्लंघन करते हुए नए ठेकेदार के नए मजदूरों को भी काम करने के लिए घुसा दिया जिससे नान के श्रमिक भड़क गए और काम बंद करके पुनः गेट के पास धरने पर बैठ गए जिसे प्रशासन द्वारा हटा दिया गया। रविवार को श्रमिकों द्वारा मुख्यमंत्री के भिलाई आवास का घेराव किया जाएगा। सोमवार को नान के मजदूर हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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