दुर्ग। जिले के 17 राइस मिलर ऐसे हैं जिन्होंने धान का कस्टम मिलिंग कर लिया और चावल एफसीआई और नान में जमा नहीं किया। खाद्य विभाग की जांच में उक्त मिलों में कस्टम मिलिंग का एक लाख 12 हजार 328 क्विंटल चावल नहीं होना पाया गया। वहीं एक राइस मिलर से पास अनुबंध से अधिक चावल होना पाया गया। मिलिंग का चावल अफरा-तफरी करने वाले इन 18 राइस मिलरों के खिलाफ खाद्य विभाग ने प्रकरण दर्ज कर सुनवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। मामले में सुनवाई शुक्रवार को होगी।

बीते खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की खाद्य विभाग द्वारा कस्टम मिलिंग कराई जा रही है। इसके लिए जिले के सौ से अधिक राइस मिलरों ने पंजीयन कराया था। राइस मिलरों को कस्टम मिलिंग का चावल 30 सितंबर तक जमा करना है। लेकिन 18 राइस मिलर ऐसे हैं जो लंबे समय से न ही एफसीआइ और न ही नान में मिलिंग का चावल जमा कर रहे थे। इस मामले में खाद्य विभाग द्वारा इन राइस मिलरों को नोटिस जारी कर चावल जमा करने कहा गया था। नोटिस का असर नहीं होने पर खाद्य विभाग ने इन राइस मिलों की जांच की। इस दौरान मिलों में मिलिंग के लिए उठाए गए धान की कितनी मात्रा और शेष है और मिलिंग का चावल कितना चावल रखा हुआ है इसकी जानकारी ली गई। जांच के दौरान 17 राइस मिलरों के पास कस्टम मिलिंग का चावल नहीं हो पाया गया। सूत्रों के मुताबिक मिलरों ने मिलिंग करने के बाद चावल कहीं खपा दिया है। वहीं एक राइस मिल में अनुबंध से अधिक चावल होना पाया गया। इस मिलर के पास मिलिंग के लिए धान कहां से आया यह भी जांच का विषय है। करोड़ों रुपये के चावल अफरा-तफरी के मामले में खाद्य विभाग ने संबंधित राइस मिलरों के नाम प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। जिस पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। जिन राइस मिलरों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है उसमें भागीरथी राईस मिल अंडा,गुरूदेव राईस मिल करीहीडीह,भुवाल एग्रो उसना यूनिट कोनारी,चंद्रकमल इंडस्ट्रीज परेवाडीह, पूजा ट्रेडिंग कंपनी जेवरा सिरसा, भुवाल एग्रो अरवा यूनिट कोनारी,हरीद्वारीमल आनंदीमल अग्रवाल यूनिट-दो चिखली,सम्यक एग्रो इंडस्ट्रीज सेलूद,सांईराम राइस मिल अंडा,श्याम एग्रो गंजपारा दुर्ग, बजरंग एग्रोटेक इंडिया प्राईवेट लिमिटेड समोदा,देव उद्योग जवाहर नगर दुर्ग, गुरूदेव इंटरप्राइजेस अहेरी, जिंदल पेडी प्रोसेसिंग यूनिट चंदखुरी,कृष्णा ट्रेडिंग चिरपोटी,संत हरदास राम इंडस्ट्रीज बोडेगांव, गुरूदेव ट्रेडिंग कंपनी कोनारी शामिल है।

बैंक गारंटी से वसूल करने निर्देश

गुरुवार को खाद्य विभाग के सचिव ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कस्टम मिलिंग की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान खाद्य सचिव ने दुर्ग जिले के जिन राइस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं किया गया है उनकी बैंक गारंटी पर मार्कफेड को नजर रखने कहा गया है। इन मिलरों द्वारा जमा बैंक गारंटी की राशि से चावल का पैसा वसूल किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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