दुर्ग(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनिवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा से मरीजों ने वाशरूम में गंदगी की शिकायत की। सफाई व्यवस्था को अहम बताते हुए कलेक्टर ने हाउसकीपिंग का काम देखने वाले एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं डायलिसिस यूनिट के सामने खड़े मरीजों ने चिकित्सक नियमित रूप से नहीं आने की शिकायत की। इस पर सिविल सर्जन ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी से चिकित्सक बुलाए जाते है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि यहां अनिवार्य रूप से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने ओपीडी एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मरीजों से बातचीत की तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के और इलाज के बारे में पूछा। मरीजों ने बताया कि इलाज अच्छा हो रहा है। खाना भी अच्छा मिल रहा है। केवल वाशरूम की साफ-सफाई का इशू है। वाशरूम गंदा रहता है। कमोबेश सभी वार्डों में यह शिकायत सामने आई। कलेक्टर ने अपने निरीक्षण की शुरुआत ओपीडी के रिसेप्शन काउंटर से की। यहां पर उन्होंने मरीजों से पूछा कि कब से खड़े हैं। मरीजों ने बताया कि 15 मिनट से खड़े हैं। कलेक्टर ने कहा कि लोगों का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और क्योंकि वह इलाज के लिए आए हैं इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि जल्द से जल्द इनका इलाज शुरू हो जाए और पर्ची कट जाए। इसके लिए उन्होंने दो अतिरिक्त काउंटर आरंभ करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे दवा काउंटर में भी गए। यहां पर अच्छी व्यवस्था पाई गई। कलेक्टर ने सभी ओपीडी का निरीक्षण किया। सभी डाक्टर मौजूद मिले।

मेडिकल स्टाफ के व्यवहार के बारे में पूछा

कलेक्टर ने डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सिस्टम का भी निरीक्षण किया। यहां नवजात शिशुओं को रखा जाता है। कलेक्टर ने यहां की व्यवस्था देखी और यहां हो रहे इलाज से संतुष्टि जताई। एमसीएच यूनिट में प्रसूति माताओं से भी मिले। प्रसूति माताओं ने बताया कि यहां मेडिकल स्टाफ अच्छे से ध्यान रखते हैं और किसी तरह की दिक्कत नहीं है। कलेक्टर ब्लड बैंक पहुंचे और वहां डाक्टरों से मिले। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल की व्यवस्था सबसे अहम है। इस संबंध में किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत जानकारी दी जाए ताकि समन्वय से इसे ठीक किया जा सके। उन्होंने मरीजों से मेडिकल स्टाफ का व्यवहार भी पूछा। मरीजों ने कहा कि व्यवहार अच्छा है। कलेक्टर ने इस पर मेडिकल स्टाफ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार होने से अस्पताल की अच्छी छवि बनती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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