दुर्ग। शिवनाथ नदी मे आई बाढ़ से नदी किनारे बसे गांव कोनारी-भरदा,डांडेसरा,हरदी,भोथली में फंसे दर्जनभर से अधिक लोगों को रेसक्यू कर निकाला गया। इस काम में एसडीआरएफ की मदद ली गई। वहीं शिवनाथ नदी अभी भी खतरे के निशान से तीन फीट ऊपर बह रहा है।नदी स्थित महमरा एनीकट के ऊपर 13 फीट और पुलगांव के पुराने पुल के ऊपर दो फीट पानी बह रहा है। राजनांदगांव जिले के मोंगरा जलाशय से छोड़े गए पानी की मात्रा को कम कर दिया गया है। वहीं बारिश थमने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

शिवनाथ नदी में दूसरे दिन गुरुवार को भी बाढ़ की स्थिति बनी रही। बाढ़ का पानी नदी किनारे बसे गांव चंगोरी, रूदा, खाड़ा, कोनारी-भरदा,आलबरस, डांडेसरा, हरदी, भोथली, झेंझरी, सहगांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात शिवनाथ का जलस्तर बढ़ने के बाद इनमें से कुछ गांव में रहवासी बाढ़ के पानी फंस गए। जिसे एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। पुलगांव स्थित शिवनाथ पारा में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। यहां रहने वाले लोग ट्यूब का नाव बनाकर आना-जाना कर रहे हैं। इस नाव में वे सामान लाने ले जाने का काम भी कर रहे हैं। तहसीलदार दुर्ग प्रकाश सोनी ने बताया कि दुर्ग ब्लाक में बाढ़ से करीब 50 लोग प्रभावित हुए हैं जिनका सर्वे कराया जा रहा है।

ईंट भट्ठा में फंसे थे मजदूर

कोनारी भरदा में ईंट-भट्ठा में काम करने वाले तीन मजदूर बाढ़ में फंस गए थे। गुरुवार सुबह 8.30 बजे सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया। फंसे मजदूरों में टोमन लाल ठाकुर,सहदुल यादव और पारसनाथ यादव शामिल है।इसी तरह ग्राम डांडेसरा में रमेश कुमार और उसकी पत्नी रामपति को एसडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। नंदिनी थाना अंतर्गत ग्राम हरदी में फंसे आठ लोगों को भी रेस्क्यू किया गया।

14 परिवार ने यहां लिया सहारा

नदी किनारे बसे गांव ग्राम भोथली में 18 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 14 परिवार ने अपने परीचितों के यहां सहारा लिया। वहीं चार लोगों को गांव के स्कूल में ठहराया गया है। विधायक अरुण वोरा ने पुलगांव स्थित शिवनाथ पारा में बाढ़ प्रभावित 45 परिवार के 150 लोगों के लिए राहत केंद्र खुलवाकर उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की।

बैरिकेड्स लांघकर गए सेल्फी लेने

शिवनाथ का पुराना पुल पानी में डूब गया है। प्रशासन द्वारा पुराने पुल पर स्थायी रूप से बेरीकेड्स लगा दिया गया है। वहीं नदी में बाढ़ आने के बाद गुरुद्वारा के सामने भी बेरीकेडिंग की गई है। बाढ़ का पानी देखने पहुंचने वाले इस बेरीकेड्स को लांघकर सेल्फी लेने जाते रहे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें सुरक्षा का हवाला देते बेरीकेड्स नहीं लांघने की समझाइश दी जाती रही।

Posted By: Nai Dunia News Network

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