दुर्ग। दुर्ग निगम क्षेत्र में ऐसी जगह पर प्लाटिंग हो रही है जो पहले से ही डूबान क्षेत्र में है। शिवनाथ में आई बाढ़ के पानी से यह क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया। डूबान के रूप में चिन्हित क्षेत्रों में प्रशासन प्लाटिंग पर रोक नहीं लगा पा रहा है। चिन्हित क्षेत्रों में आवास व अन्य निर्माण के लिए ग्राम एवं नगर निवेश विभाग द्वारा एनओसी और निगम प्रशासन द्वारा भवन अनुज्ञा प्रदान कर दिया जाता है। यह सबकुछ प्रशासन के अफसरों की मिलीभगत से हो रहा है।

शिवनाथ में आई बाढ़ का पानी दुर्ग निगम के पोटिया व पुलगांव क्षेत्र में भर गया। शहर के इन दोनों क्षेत्रों में इन दिनों बड़े पैमाने पर प्लाटिंग का काम चल रहा है। पोटिया क्षेत्र में बड़ी कालोनियां और व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित होने की वजह से इस क्षेत्र में खाली जमीन को लेकर लोगों में आकर्षण बढ़ गया है। यही स्थिति पुलगांव क्षेत्र में भी देखने को मिल रही है। इन क्षेत्रों में जमीन की कीमत काफी अधिक है फिर भी लोग आवासीय व व्यवसायिक उपयोग के लिए ऊंची कीमत पर जमीन खरीदने को तैयार है। इन क्षेत्रों में प्लाटिंग के लिए कई स्थानों पर मार्ग संरचना देखने को मिल रहा है। मंगलवार को शिवनाथ में आई बाढ़ का पानी पुलगांव मिनी माता चौक से पोटिया स्थित डी मार्ट तक सड़क के दोनों ओर भर गया। क्षेत्र में स्थित खेत खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो गया। वहीं पुलगांव में शिवनाथ नदी के किनारे भी बड़ी पैमाने पर प्लाटिंग किया जा रहा है। नदी रोड में ओवरब्रिज के दोनों तरफ खेत-खलिहान लबालब पानी से भरा नजर आ रहा था।

ग्राम व नगर निवेश विभाग

के नक्शे में उल्लेख

ग्राम एवं नगर निवेश विभाग के पास जमीन का नक्शा रहता है। जिसमें रकबा,खसरा नंबर सहित जमीन किस प्रयोजन के लिए सुरक्षित रखा गया है इसकी जानकारी भी उपलब्ध रहती है। जमीन डूबान क्षेत्र में है अथवा नहीं इसकी भी जानकारी ग्राम एवं नगर निवेश विभाग के पास रहती है। फिर भी विभाग द्वारा जमीन डायवर्सन के लिए एनओसी जारी कर दिया जाता है और नगर निगम द्वारा भवन निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा प्रदान कर दी जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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