दुर्ग। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में इस महीने से रेडी-टू-ईट की सप्लाई शुरू हो गई है। केंद्रों तक इसे पहुंचाकर दिया जा रहा है। सप्लाई बंद होने की सूरत में बच्चों को गरम भोजन ही परोसा जा रहा था।

बच्चों को कुपोषण से बचाए रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन के अलावा रेडी-टू-ईट दिया जाता है। जिले के 1502 आंगनबाड़ी केंद्र हैं,जहां रेडी-टू-ईट की सप्लाई स्व सहायता समूहों के माध्यम से की जाती रही है। लेकिन अप्रैल महीने में स्व सहायता समूहों के माध्यम से इसकी सप्लाई बंद कर दी गई।

सप्लाई बंद होने से केंद्रों में रेडी-टू-ईट का वितरण भी नहीं हो रहा था। इस दौरान केंद्रों में आने वाले बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गरम भोजन परोसा जा रहा था। गरम भोजन के रूप में रोटी, दाल, चावल और सब्जी दी जा रही थी।

प्रत्येक बच्चों को सौ ग्राम पोषण आहार

आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं के अलावा छह माह से तीन आयु वर्ष के सामान्य व कुपोषित बच्चों तथा तीन से छह आयु वर्ष के बच्चों को रेडी-टू-ईड फूड का वितरण किया जाता है। गर्भवती माताओं को मुख्यमंत्री महतारी शक्ति आहार, छह माह से तीन आयु वर्ष के बच्चों को मुख्यमंत्री शिशु शक्ति आहार और तीन वर्ष से छह आयु वर्ष के बच्चों को मुख्यमंत्री बाल आहार के नाम से इसका वितरण किया जाता है।

छत्तीसगढ़ जूझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष गीता बाघ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी-टू-ईट पहुंचाकर दिया जा रहा है।

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आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी-टू-ईट की सप्लाई इस महीने से शुरू हो गई है। पोषण आहार केंद्रों तक पहुंचाकर दिया जा रहा है।

-अजय साहू परियोजना अधिकारी दुर्ग ग्रामीण

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देउरझाल को मिले अलग राजस्व ग्राम का दर्जा

सेलूद। पतोरा वासियों द्वारा देउरझाल को पतोरा से पृथक कर अलग ग्राम बनाये जाने की मांग करते हुए असफ़रो को पपत्र सौंपा है। पतोरा के 18 वार्ड के पंचो द्वारा मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा एवं दुर्ग जिला कलेक्टर को पत्र सौंपा। उन्होंने देउरझाल को पतोरा से पृथक ग्राम बनाएं जाने का मांग की।

इस अवसर पर कृषि उपज मंडी दुर्ग के अध्यक्ष अश्वनी साहू, उपसरपंच घनश्याम साहू, पंच गोपेश साहू, राजू साहू, भोलू बंदे, तनुजा साहू, मालती ठाकुर, रुखमनी ठाकुर, देवसर साहू, प्रतिमा धर्मगुडी, चन्द्रभूषन कौशल, सुरेश कपूर, नरेश श्रीवास सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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