दुर्ग (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पटरीपार के 60 हजार आबादी के आवागमन को सुविधाजनक बनाने रायपुर नाका रेलवे फाटक पर सात करोड़ दो लाख रुपये की लागत से बनाए गए अंडरब्रिज में कई खामियां नजर आ रही है। कुछ खामियां ऐसी है जिसकी वजह से भविष्य में हादसा होने का डर बना रहेगा। अंडरब्रिज के भीतर धूल का गुबार भी उड़ रहा है इससे आवागमन करने वाले परेशान भी महसूस कर रहे हैं। अंडरब्रिज पर संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। अंडरब्रिज से निकलकर लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में जाना होता है लेकिन दिशा सूचक बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।

रायपुर नाका पर रेलवे क्रासिंग बना हुआ है। रेलवे क्रासिंग की वजह से शहर के रायपुर नाका से पटरीपार क्षेत्र आने जाने वालों को परेशानी हो रही थी। इस समस्या का निदान के लिए रायपुर नाका रेलवे फाटक पर 43 मीटर लंबी और छह मीटर चौड़ी अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है। अंडरब्रिज बनने से पटरीपार के सिंधिया नगर, कातुलबोर्ड वार्ड क्रमांक-59, कातुलबोर्ड वार्ड क्रमांक-60, साकेत कालोनी,पुष्पक नगर, स्मृति नगर भिलाई क्षेत्र में रहने वालों के लिए आवागमन सुविधाजनक हो गई है। अंडरब्रिज से आवागमन महीने भर पहले ही शुरू हुआ है। इस क्षेत्र में शहर की करीब 60 हजार आबादी निवासरत है। अंडरब्रिज रायपुर नाका क्षेत्र से शुरू होता है और सिंधियानगर सड़क मार्ग पर समाप्त होता है। ब्रिज में इंटर करने के 25 मीटर पहले एक संकेतक बोर्ड लगाया जाना था। ताकि लोगों को अंडरब्रिज होने के संबंध में जानकारी मिल सके। इसी तरह टर्निंग के संबंध में भी जानकारी देने संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है। संकेतक बोर्ड के अभाव में वाहन चालक अंडरब्रिज के भीतर काफी स्पीड से गाड़ी चलाते हैं। स्पीड नियंत्रण में नहीं होने की सूरत में टर्निंग पर हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

नईदुनिया की टीम ने इसका मुआयना किया। इसमें विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए। इसमें सिविल इंजीनियर दीपक तुमाने भी शामिल रहे। टीम ने ही इन खामियों को पकड़ा।

1.समस्या- रायपुर नाका अंडरब्रिज के बीचों बीच करीब पांच मीटर हिस्से में अंधेरा है। अंधेरे की वजह से वाहन चालकों को दिन में भी रौशनी की जरूरत पड़ रही है। अंजरब्रिज पर दोनों तरफ से आवागमन करने वालों को वाहनों का हेडलाइन जलाना पड़ रहा है। अंडरब्रिज से रोजाना आठ से दस हजार दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। इसके अलावा चार पाहिया वाहन चालक भी आवागमन करते हैं। पैदल चलने वालों की भी बड़ी संख्या है। अंधा मोड़ के बाद अंडरब्रिज के एक हिस्से में दिन के समय भी अंधेरा छाए रहने से हादसा होने का डर बना हुआ है।

समाधान- अंडरब्रिज के जिस पांच मीटर हिस्से पर अंधेरा है वहां रौशनी के लिए बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए। रौशनी होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत नहीं होगी। लोग सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे। ब्रिज के भीतर जहां-जहां अंधा मोड़ में एक संकेतक बोर्ड लगाया जाना चाहिए। ताकि वाहन चालकों को इसकी जानकारी मिल सके कि सामने मोड़ है। इससे वाहन चालक गाड़ियों की स्पीड पर नियंत्रण रख सकेंगे। इससे वाहनों के आपस में टकराने की नौबत नहीं आएगी। अंडरब्रिज के सरफेस का सीमेंटीकरण किया गया है। इसकी गुणवत्ता भी बेहतर नजर नहीं आ रही है। यहां जगह-जगह से बजरी अभी से उखड़ने लगी है।

2.समस्या- अंडरब्रिज पर रायपुर नाका वाले हिस्से में ट्रस्ट लगा हुआ है। रिटर्निंग वाल और ट्रस्ट के बीच गेप कम है। इस कारण अंडरब्रिज के भीतर उड़ने वाली धूल बाहर नहीं जा पाती और न ही बाहर की हवा ब्रिज के भीतर आ पा रही है। इस कारण यहां सफोकेशन की स्थिति निर्मित हो रही है। इस वजह से अंडरब्रिज के भीतर आवागमन करने वालों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लोगों के चेहरे और कपड़े भी धूल के गुबार से सन रहे हैं। वहीं सिंधिया नगर की ओर रिटर्निंग और ट्रस्ट के बीच गेप पर्याप्त है। इस कारण उक्त क्षेत्र में धूल नहीं उड़ रही है।

समाधान- रायपुर नाका वाले हिस्से में रिटर्निंग वाल और ट्रस्ट के बीच गेप को बढ़ाया जाना चाहिए। यहां कम से कम ढाई से तीन फीट का गेप होना चाहिए। इसके लिए रिटर्निंग वाल की ऊंचाई को कम करना पड़ेगा। गेप बढ़ने से इस क्षेत्र में अंडरब्रिज के भीतर उड़ने वाली धूल बाहर निकल जाएगी। साथ ही बाहर की हवा अंडरब्रिज के भीतर आएगी। ऐसा होने से सफोकेशन कम हो जाएगा और लोगों को सांस में हो रही दिक्कत से भी छुटकारा मिल जाएगा। लोगों को धूल का गुबार भी नहीं सहना पड़ेगा।

3.समस्या- अंडरब्रिज के सिंधिया नगर वाले क्षेत्र में नामनेशन बोर्ड नहीं लगाया गया है। यहां तिराहा है कौन सा रास्ता किस क्षेत्र में जा रहा है इसकी जानकारी लोगों को आसानी से नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र के रहवासियों को रास्ते के बारे में पता है इस कारण उन्हें दिक्कत नहीं है लेकिन शहर के अन्य स्थानों से अथवा बाहरी क्षेत्रों से आवागमन करने वालों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद ही वे सही रास्ता पकड़ पा रहे हैं। अन्यथा भटकाव की स्थिति निर्मित हो रही है।

समाधान- अंडरब्रिज से सिंधिया नगर,कातुलबोर्ड के दोनों वार्ड,साकेत कालोनी,पुष्पक नगर,स्मृति नगर भिलाई की ओर जाने वाला रास्ता कौन सा है इसका नामनेशन बोर्ड लगाया जाना चाहिए। बोर्ड लगने से अंडरब्रिज पर आवागन करने वालों को लोगों से पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रास्ता भटकाव जैसी समस्या का भी समाधान हो जाएगा। खासकर रात के समय रास्ते के पतासाजी को लेकर होने वाली परेशानी दूर हो जाएगी।

वर्जन

रायपुर नाका रेलवे फाटक पर हाल ही में अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है। इसमें सारी तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा गया है। जो खामियां बता रहे हैं उसे चेक कराएंगे।

शिव प्रसाद, जनसंपर्क विभाग, रेलवे

Posted By: Abhishek Rai

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