लगन, निष्ठा और कड़ी मेहनत करने वाले को कोई भी उसका लक्ष्य पाने से नहीं रोक सकता। मंजिल को पाना कठिन हो सकता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। जी हां, सीजी पीएससी में चयनित होकर पाटन के ग्राम कसही के गरीब किसान के बेटे ने कुछ ऐसा ही संदेश दिया है।

बता दें कि, मंगलवार को सीजी पीएससी 2018 के परिणाम जारी हुए हैं। इसमे पाटन ब्लॉक के दो बेटों का चयन हुआ है। कसही के नकुल ने 37 वां और तेलीगुंडरा के आशीष साहू ने 101 वां रैंक हासिल कर पाटन का मान बढ़ाया है।

नकुल वर्मा ग्राम कसही के एक गरीब किसान परिवार से है। पिता सेवक राम वर्मा किसान (दो एकड़) है व गाव में छोटी सी दुकान से परिवार का भरण पोषण करते हैं। माता अमरीका वर्मा गृहिणी हैं। बेटे को अफसर बनने का सपना माता ने ही दिखाया जिसके लिए सब्जी बेचकर नकुल को पढ़ाया। नकुल ने 12 वीं तक पढ़ाई पाटन सरकारी स्कूल में की और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अभनपुर से की। इसके बाद वे पीएससी की तैयारी करने बिलासपुर चले गए जहां पढ़ाई के साथ साथ जेब खर्चे के लिए बधाों को भी पढ़ाया।

नकुल की मां अमरीका वर्मा ने बताया कि एक सपना था कि गांव का बेटा दूसरों के लिए प्रेरणा बने। इसलिए मैंने उसे पढ़ाया यहां तक कि उसकी पढ़ाई के लिए परिवार के लोगो से कर्ज लिया पर उसकी पढ़ाई रुकने नहीं दी। 28 वर्षीय नकुल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता को देते हुए बताया कि पिता चौथी तक और माता नवमीं तक पढ़ी हैं लेकिन उन्होंने मुझे आगे पढ़ाया और मैने उनके सपने को अपना सपना बनाया। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा के माध्यम से गांव के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। नकुल वर्मा 2017 में अपने द्वितीय प्रयास में पीएससी में 110 रैंक लेकर अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी की ट्रेनिंग ले रहे थे और इस बार अपने तृतीय प्रयास में 37 वां रेंक प्राप्त किया है।

आशीष ने द्वितीय प्रयास में पाई सफलता

तेलीगुंडरा निवासी दिलीप साहू के पुत्र आशीष साहू ने छग पीएससी में 101 वां रैंक हासिल किया। यह पाटन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। आशीष साहू प्रारम्भिक शिक्षा आर्यवर्त हायर सेकंडरी स्कूल पाटन से ली। आशीष साहू के पिता दिलीप साहू पूर्व सदस्य छग माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर, सह सचिव जिला साहू संघ दुर्ग एवं माता ममता साहू पर्यवेक्षक महिला बाल विकास दुर्ग हैं। पिता दिलीप साहू ने कहा कि मुझे आशीष की उपलब्धि पर गर्व है। पढ़ाई में अव्वल रहना, शांत एवं शर्मिला स्वभाव वाले आशीष 12वीं की पढ़ाई महावीर स्कूल दुर्ग, उसके बाद शंकरा महाविद्यालय भिलाई से इंजीयरिंग की पढ़ाई की। उसके बाद पीएससी की तैयारी शुरू की और द्वितीय प्रयास में सफल हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket