पाटन। सप्ताह भर से हुए बेमौसम बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान सहित सब्जी भाजी व फल की खेती करने वाले किसानों को इससे काफी आर्थिक नुकसान होने का अंदेशा है।

वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इसके बाद पाटन ने भी पटवारियों को निर्देश देकर पाटन ब्लाक में जिन जिन क्षेत्रों में बारिश से फसल को जो नुकसान हुए हैं उसका मौके पर देख कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार एवं मंगलवार को सुबह-सुबह काफी बारिश हुई। अचानक हुई इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी से शांति तो मिली लेकिन किसानों के मंसूबे पर पानी फिर गया। धान की फसल अभी कटाई होने को है। खारुन नदी किनारे ज्यादातर किसान धान की फसल लगाए हैं।

कई किसान फसल काट भी चुके हैं। जो किसान फसल काट चुके हैं उन किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है धान का करपा खेतों में ही पड़ा है। बारिश के कारण अब धान की फसल पानी में डूब गई है। वहीं ज्यादातर किसान अब सब्जी भाजी की खेती की ओर भी आकर्षित हुए हैं।

इस कारण अभी टमाटर, भिंडी, भाटा, खरबूजा, तरबूज, फलदार पौधों को नुकसान हो रहा है। ग्राम तर्रा के कृषक प्रकाश चंद्राकर ने 10 एकड़ जमीन पर खरबूजा लगाया था दो दिन से हुई बारिश में फसल चौपट हो गई। एक ओर जहां खरबूजा सड़ रहा है वहीं उसके पेड़ में भी कीट लगने शुरू हो गए हैं।

इससे किसान को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। नदी किनारे के गांव जमराव, तरीघाट, टोला, सिकोला, सोनपुर, केसरा, बोरेंदा, कौही, किकिरमेटा, आगेसरा सहित अन्य ग्रामों में धान की फसल किसान ले रहे हैं। इन किसानों को भी बारिश के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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सभी पटवारियों को निर्देश दिए है कि जहां- जहां बारिश से फसल नुकसान का अंदेशा है वहां पर जाकर जानकारी लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

-विपुल गुप्ता

एसडीएम पाटन

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Posted By: Nai Dunia News Network

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