छुरा (रक्सी)। नईदुनिया न्यूज

नाप तोल विभाग द्वारा नगर एवं आसपास के व्यापारियों के कांटा सुधार के नाम पर 250 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत क्षेत्र के व्यापारियों ने की है।

विदित हो कि क्षेत्र में लगभग 276 छोटे-बड़े व्यापारी हैं जिनके पास इलेक्ट्रॉनिक कांटों से धान व अन्य सामग्री तौलने का कार्य किया जाता है। किंतु प्रतिवर्ष नापतोल विभाग द्वारा कांटा सत्यापन के नाम पर दो सौ रुपये और कांटा सुधार के नाम पर ढाई सौ रुपये लिया जाता है। इसके लिए तीन दिन का शिविर आदिम जाति सेवा समिति में लगाया जाता है। इनके साथ आए लोग सभी व्यापारियों को फोन कर कांटों के सत्यापन के लिए सूचना देते हैं। व्यापारी संघ के कई व्यापारियों ने कांटा सत्यापन के लिए लगने वाले शुल्क का विरोध किया व उक्त से संबंधित कार्य का विरोध स्थानीय व्यापारियों ने करते हुए कहा कि कांटा सुधार के और भी कई दुकान हैं किंतु शासन द्वारा लाभ पहुंचाने के लिए एक ही दुकान को चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही साथ व्यपारियों का यह भी कहना है कि पहले जब सामान्य तराजू था तब उसमें कुछ सुधार की गुंजाइश थी भी, किंतु अब सभी दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगे हैं। अगर कांटा खराब हो तो उनका कर्मचारी इंजीनियर आकर उन्हें तुरंत सुधार देता है। फिर विभाग द्वारा सुधार के नाम पर अनावश्यक रूप से रुपये क्यों लिया जाता है।

------------

वर्सन

जो शुल्क लिया जा रहा है वह शासन द्वारा तय है। यह सिर्फ सुधार का नहीं बल्कि अन्य कार्यों का भी है इसलिए लिया जा रहा है।

-केके जैन, नाप तौल विभाग

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket