मैनपुर। तहसील मुख्यालय मैनपुर से 40 किलोमीटर दूर ग्राम इंदागांव में शनिवार को एक सांभर पानी की तलाश में भटकता हुआ गांव के भीतर पहुंचा गया जिसे आवारा कुत्तों ने बुरी तरह से दौड़ाया। ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाया और इसकी जानकारी वन विभाग को दी। विभाग का अमला मौके पर पहुंचकर हिरण को रेस्क्यू किया और प्राथमिक उपचार कर जंगल में छोड़ा।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को वन परिक्षेत्र इंदागांव अंतर्गत ग्राम इंदागाव में एक साल का हिरण पानी की तलाश में गांव के भीतर पहुंच गया और गलियों में इधर-उधर धमा चौकड़ी करता रहा। हिरण की जानकारी मिलते ही उसे देखने ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन परिक्षेत्र कार्यालय व वन विभाग को दी। जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंच सांभर हिरण को रेस्क्यू आपरेशन चलाकर उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ा। ज्ञात हो कि गर्मी के दिनों में वन्यप्राणी प्यास बुझाने गांवों की तरफ रुख करते हैं। जहां दुर्लभ वन्य जीवों के अवैध शिकार को नकारा नहीं जा सकता। साथ ही आवारा कुत्तों के ये शिकार भी होते हैं। लगातार वन क्षेत्रो में मानव हस्तक्षेप व अतिक्रमणकारियों के कारण जंगल भी सिमटते जा रहे हैं। जंगलों के सिमटने के कारण वन्य प्राणी का अवैध शिकार की घटना भी बढ़ी है।

इंदागांव तौरेंगा वन परिक्षेत्र में पहले थे शेर, बाघ, लकड़बग्घाः इंदागांव तौरेंगा वन परिक्षेत्र तीन दशक पहले हिंसक वन्यप्राणियों की दहाड़ से दहल उठता था। यहां शेर, बाघ, लकड़बग्घा, तेंदुआ, भालू, सूअर और हिरण के झुंड आसानी से दिख जाते थे लेकिन आज सिमटते वन परिक्षेत्र और वन विभाग के लचर सिस्टम के चलते जंगली जानवर शिकार के भेंट चढ़ रहे है। भरे-पूरे वन अमला होने के बाद भी जंगल क्षेत्र में लगातार शिकार व अतिक्रमण की शिकायत मिल रही है। कई बार दुर्लभ जीवों की तस्करी करते तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। वन विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। अगर हाल ऐसा ही रहा तो बचे खुचे दुर्लभ वन्य प्राणी व बेशकीमती सागौन अतिक्रमणकारियों के हत्थे चढ़ जाएंगे।

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शनिवार सुबह एक सांभर हिरण प्यास में इंदागाव उपरपारा पहुंचा है। जिसे वन विभाग की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया और प्रारंभिक जांच उपचार के बाद जंगल में छोड़ा गया है।

- चंद्रबली ध्रुव, प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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