गरियाबंद। खाद्य सामग्रियों की कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन ने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि शिकायत सही हो तो सीधे कार्रवाई करे, हमारी छवि को न बिगाड़े। जहां पिछले दिनों छापामार कार्रवाई की गई उसमें शिकायत झूठी निकली थी।

ज्ञात हो कि शुक्रवार को जनसंपर्क विभाग से जारी एक प्रेस में सीधे व्यापारियों पर जमाखोरी और कालाबाजारी का आरोप लगा दिया गया है। प्रेसनोट में दर्शाया गया है कि कोविड-19 व नए वैरिएट ओमीक्रोन के संक्रमण के दौरान विभिन्ना माध्यमों से सूचना मिल रही है कि बड़े व्यापारियों व किराना व्यावसायियों द्वारा खाद्य सामग्रियों व अन्य आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी की जा रही है तथा ज्यादा दामों में विक्रय किया जाकर कालाबाजारी की जा रही है। उक्त संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच व निराकरण करने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि इस संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है न ही कोई जांच जारी है। भविष्य में ऐसी शिकायत न आए इसके लिए टीम गठित की गई है। वहीं व्यापारियों ने भी ऐसी शिकायत को सिरे से नकारा है।

जिला प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप

इधर प्रेसनोट जारी होने के बाद से व्यापारियों में खासी नाराजगी नजर आ रही है। व्यापारियों का दो टूक कहना है कि अगर कहीं शिकायत है तो प्रशासन सीधे कार्रवाई करे, लेकिन कालाबाजारी का आरोप लगाकर व्यापारियों की छवि को धूमिल करने का काम न करे। इसे व्यापारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। ज्ञात हो कि बीते रविवार भी एसडीएम ने नगर के कुछ व्यापारियों के यहां कालाबाजारी की शिकायत बताते हुए छापा मारा था लेकिन अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा था। कई व्यापारियों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बार-बार व्यापारियों के विरुद्ध इस प्रकार दबाव बनाने का जो प्रयास किया जा रहा है वह उचित नहीं है। हमने प्रशासन के हर निर्देश का पालन किया है। कालाबाजारी की शिकायत को लेकर कुछ दिन पहले भी व्यापारियों ने जिला प्रशासन से चर्चा की थी। इसके बाद भी अपने ही जिले में व्यापारियों पर कालाबाजारी करने और जमाखोरी का आरोप लगाना समझ से परे है। इससे व्यापारी खासे नाराज हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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