गरियाबंद (नईदुनिया न्यूज)। जिले में घटिया धान बीज की शिकायत को लेकर कृषि उपसंचालक द्वारा किसानों को फटकार लगाए जाने का मामला गरमा गया है। इसकी शिकायत किसानों ने लिखित में कलेक्टर से की है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि कृषि विभाग किसानों की समस्याओं के लिए जिम्मेदार है लेकिन जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कृषि उपसंचालक एफआर कश्यप ने किसानों को बिना समस्या सुने ही डांट फटकार लगाकर भगा दिया।

बुधवार को गरियाबंद जिले में पदस्थ कृषि विभाग के उप संचालक द्वारा किसानों की समस्या नहीं सुनने तथा कृषि संबंधी जानकारी का प्रचार प्रसार नहीं करने की शिकायत किसानों ने की है। शिकायत में कहा गया है कि जिले के अलग-अलग क्षेत्र के किसान बायर सीड बायो राइस प्राइवेट कंपनी के खरीदे अराइज एजेड 8433 डीटी किस्म के बीज के खराब गुणवत्ता की शिकायत को लेकर कृषि विभाग पहुंचे थे परंतु उपसंचालक ने पहले उनकी बात नहीं सुनी। लेकिन जब किसानों ने दबाव बनाया तो जांच के लिए राजी हुए और कृषि विभाग केंद्र गरियाबंद तथा इंदिरा गांधी विश्व विद्यालय रायपुर के कृषि विशेषज्ञ दल से जांच कराई। जांच में बीज के गुणवत्ता में खामियां भी पाई गईं। इसका पंचनामा तैयार कर जांच दल ने प्रतिवेदन उपसंचालक कृषि को सौंप दिया है। किसान कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन की कापी चाहते हैं परंतु उपसंचालक सूचना अधिकार लगाने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। कलेक्टर को शिकायत करने ग्राम रावनसिंघी के किसान गंगाराम सिन्हा, सुरेश साहू, संतोष साहू, रामकुमार, डिगेश्वर साहू, प्रेमचंद, तेमन लाल, हुकुम लाल पहुंचे थे। बताया जाता है कि जिले के सैकड़ों किसान इस समस्या से प्रभावित हैं, किसानों के मुताबिक निष्पक्ष जांच होगी तो मामला पूरी तरह से प्रकाश में आएगा।

उप संचालक ने कहा- क्या हमसे पूछकर खरीदे थे बीज

दरअसल खरीफ फसल के लिए क्षेत्र के किसानों ने बायर सीड बायो राइस प्राइवेट कंपनी के अराइज किस्त के धान के बीज की बाजार से खरीदी की थी। कंपनी के अपने मोनेचेस्टर में धान की उम्र 140 दिन बताई थी परंतु मात्र 30 से 40 दिनों में ही धान की बाली निकल गई। कंपनी द्वारा दिए गए बीज भी अलग-अलग किस्म के धान के थे जिसके चलते एक ही खेत में अलग अलग किस्म में धान की फसल निकली। इसकी शिकायत पहले किसानों ने कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक से की। इसके साथ ही कृषि विभाग के उपसंचालक से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाही परंतु शिकायत लेके पहुंचे किसानों की समस्या सुनने के बजाय उपसंचालक उल्टा उन पर ही बरस पड़े। किसानों को डांट लगाते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि क्या हमसे पूछ के बीज खरीदी किए थे।

उप संचालक ने डांट से किया इंकार

इस संबंध में जब कृषि विभाग के उपसंचालक एफआर कश्यप से चर्चा की गई तो उन्होंने अपना बचाव करते हुए किसानों को डांट फटकार लगाने की बात से इंकार कर दिया। कश्यप ने कहा कि किसानों को जो जानकारी चाहिए वह जांच और बयान देने के दौरान ले लेनी चाहिए। सरकारी नियम के तहत अब उन्हें सूचना अधिकार से ही जानकारी मिल सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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