जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में बीते कुछ बरसों में ऑटो वाहनों की बाढ़ सी देखी जा रही है। अधिकतर ऑटो चालक परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ाते देखे जा रहे हैं। 15 किमी रेडियस परमिट के आधार पर रोजाना शहर से लगे 20 से 25 किमी तक सवारियां ढोते नजर आते हैं। अधिकतर ऑटो चालक बिना परमिट व वैध कागजात के चल रहे हैं। इनके द्वारा यत्र-तत्र कहीं भी अवैध पार्किग करने से यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है।

ज्ञात हो कि शहर में वर्तमान में ढाई से तीन हजार की संख्या में आटो संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर आटो चालक बिना परमिट चल रहे हैं। जिनने परमिट लिया भी है, वे परिवहन नियमों को ताक पर रखकर सवारी ढो रहे हैं। नियमानुसार शहर के 15 किमी रेडियस में ही सवारी ले जाने का प्रावधान है लेकिन ऑटो चालक यहां से बकावंड, नगरनार, मारकेल, तोकापाल, लोहंडीगुड़ा आदि क्षेत्रों में धड़ल्ले से सवारियां ढोते दिखते हैं। अधिकतर आटो चालक बिना वैध दस्तावेज के दौड़ रहे हैं। आटो के लिए प्रशासन द्वारा कई दफा अस्थाई तौर पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी लेकिन ऑटो चालक संजयबाजार, अनुपमा चौक, पनामा चौक, गोलबाजार समेत व्यस्ततम मार्गों में पार्किंग कर बीच सड़क सवारियां ढोते हैं। इनके चलते न केवल यातायात बाधित होता है, वरन दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। अधिकतर ऑटो संचालक बिना परिमट चल रहे हैं, जिसके चलते परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है पर आरटीओ द्वारा इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है।

पुलिस वेरीफिकेशन नहीं

शहर में बड़ी संख्या में ओड़िशा समेत अन्यत्र स्थानों से आए लोगों द्वारा आटो चालन किया जा रहा है। इनमें से कुछ जुर्म-जरायम से भी संलग्न बताए जाते हैं। कानून व्यवस्था के लिहाज से स्कूली बसों समेत ऑटो व टैक्सी चालकों को पुलिस से चरित्र सत्यापन करवाना आवश्यक है। इसके बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

जांच की जा रही

जगदलपुर यातायात प्रभारी कौशलेश देवांगन ने कहा-समय-समय पर ऑटो चालकों की जांच की जाती है। बिना कागजात पाए जाने पर चालानी कार्रवाई भी की जाती है। एक से अधिक बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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