जगदलपुर। Bastar Tadmetla News : पिछले नौ सालों में कई बार बाधित हो चुकी ताड़मेटला आगजनी कांड टीएमटीडी घटना की न्यायिक जांच कोरोना संक्रमण काल में 13 माह तक बंद रहने के बाद फिर शुरू हो गई है। जनवरी 2020 में टीएमटीडी विशेष न्यायिक जांच आयोग द्वारा आखिरी सुनवाई यहां जगदलपुर में संभागायुक्त कार्यालय भवन स्थित अपने दफ्तर में आयोजित की गई थी। इसके कुछ दिनों बाद कोरोना संक्रमण बढ़ने की स्थिति में लाकडाउन लग जाने से जांच रोक दी गई थी।

पिछले दिनों 18 फरवरी को आयोग ने रायपुर में विधि आयोग के दफ्तर में सुनवाई रखी थी लेकिन कोई गवाही नहीं हो पाई। अब अगली सुनवाई छह मार्च को रखी गई है। इधर आयोग ने साफ कर दिया है कि ताड़मेटला आगजनी कांड में पीड़ित पक्ष से अब और किसी का बयान नहीं दर्ज किया जाएगा। बचाव पक्ष से कुछ लोगों को यदि बयान के लिए पेश किया जाता है तो उनके बयान दर्ज करके आयोग अब फाइनल रिपोर्ट तैयार करने के काम में जुटेगा।

ज्ञात हो कि 11 से 16 मार्च 2011 के बीच सुकमा जिले के ताड़मेटला, मोरपल्ली और तिम्मापुर गांव में वनवासियों के 259 मकानों में आगजनी हुई थी। इस घटना के दस दिनों बाद घटनास्थल जा रहे समाजसेवियों के काफिले पर दोरनापाल में भीड़ ने हमला कर दिया था। काफिला में स्वामी अग्निवेश भी शामिल थे। तीन गांवों में आगजनी और स्वामी अग्निवेश के काफिला पर हमला इन चारों घटनाओं को मिलाकर टीएमटीडी नाम दिया गया है, जिसकी जांच जस्टिस टीपी शर्मा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग कर रहा है।

न्यायिक जांच आयोग में दर्ज कराए गए बयान के अनुसार इस घटना में कुछ लोगों ने सलवा जुडूम से जुड़े लोगों पर फोर्स के साथ मिलकर आगजनी करने का आरोप लगाया है वहीं फोर्स ने इसे नक्सलियों की करतूत बताया है। कुछ लोगों ने पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में हुई गोलीबारी को आगजनी का कारण बताया है।

सीबीआइ कर चुकी है जांच

ताड़मेटला आगजनी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई पूरी कर चुकी है। न्यायिक जांच आयोग 2011 से जांच करा है। आयोग की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। आयोग द्वारा करीब चार सौ लोगोें का नाम बयान के लिए पंजीबद्ध किया था लेकिन तीन सौ लोगों के ही बयान लिए जा सके हैं। जांच के दौरान एक मौका ऐसा भी आया था जब पीड़ित गांवों के लोग दो साल से अधिक समय तक शासन-प्रशासन के प्रयासों के बाद भी बयान दर्ज कराने सामने नहीं आए और इसके कारण आयोग का कामकाज उन दिनों में पूरी तरह से ठप रहा था। आयोग के सूत्रों के अनुसार इस साल के अंत तक फाइनल जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जा सकती है।

Posted By: Ravindra Thengdi

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags